
पकड़े गए आरोपी के साथ पुलिस टीम फोटो सोर्स पत्रिका
Gonda News: गोंडा जिले की नवाबगंज पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकली नोट छापने के उपकरण बरामद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।
Gonda News: गोंडा जिले की नवाबगंज पुलिस को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि कस्बा के बढ़ईपुरवा मोहल्ले में एक किराए के मकान में नकली भारतीय करेंसी छापी जा रही है। इस सूचना पर सक्रिय हुई। पुलिस टीम ने मकान में छापेमारी कर एक व्यक्ति को नकली नोट छापते समय कर्नलगंज कोतवाली के गांव कमरौरा के रहने वाले अर्जुन गोस्वामी पुत्र मनोहर गोस्वामी रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नकली नोट छापने के कारोबार में उसका सहयोग नवाबगंज थाना के गांव तुलसीपुर माझा के रहने वाले विश्वनाथ पुत्र भगवती सिंह करता है। तथा अयोध्या में भी एक स्थान पर नकली नोट बनाने की फैक्ट्री है।
अर्जुन गोस्वामी की निशानदेही पर पुलिस टीम रामहाल्ट स्टेशन, अयोध्या स्थित एक निर्माणाधीन मकान में पहुँचकर अभियुक्त विश्वनाथ सिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के कब्जे से नकली करेंसी, करेंसी छापने की मशीनें, सांचे, कागज, प्रिंटर, रसायन, यूएसबी, कंप्यूटर उपकरण, हरे व सफेद रंग की नोट की तार बनाने की पन्नी, थिनर, डीकोटिंग पाउडर, हेयर ड्रायर, और अन्य निर्माण सामग्री बड़ी मात्रा में बरामद की गई। इसके अलावा 100 रुपये के 3200 नोट तथा 40 पृष्ठों पर 100, 200 व 500 के नोटों की छपाई शामिल है। इसके अतिरिक्त, 31 सादा पृष्ठों पर नकली हॉलमार्क सहित आरबीआई जैसी छपाई, तथा 2 पृष्ठों पर महात्मा गांधी की तस्वीर व 200 व 500 अंकित नोट की छपाई भी मिली। पूछताछ में अभियुक्तों ने नकली करेंसी निर्माण की बात स्वीकार की है।
आरोपी पहले भी ऐसे कारोबार में लिप्त पाए गए थे। इनमें अर्जुन गोस्वामी के खिलाफ गाजियाबाद और गोंडा में आबकारी गिरोह बंद अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में 4 केस दर्ज हैं। जबकि विश्वनाथ के खिलाफ गिरोह बंद अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में दो मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नकली नोट छापने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-मोटे दुकानदारों को अपना निशाना बनाते थे। फुटकर विक्रेताओं के यहां कुछ सामान खरीद कर नोट बदल लेते थे। आरोपी अर्जुन गोस्वामी इस गिरोह का सरगना है। जबकि विश्वनाथ नकली नोट छापने में तकनीकी सहायता देने के साथ बाजारों में नोटों की खपत करवाता था। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया है।
नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में थानाध्यक्ष नवाबगंज अभय सिंह, उप निरीक्षक उत्कर्ष कुमार पांडे, उप निरीक्षक विभव सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील यादव, रोशन सिंह, रामावतार यादव, अरविंद यादव, सुरेंद्र कुमार, अभिषेक यादव, विनय राय, अर्चना सिंह, नीलू सिंह शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि नवाबगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नकली नोट छापने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से नकली नोट छापने की मशीन उपकरण सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
24 May 2025 05:11 pm
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