गोंडा जिले में मोरंग और बालू खनिज का ठेका दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में आईजी देवीपाटन मंडल ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 50 लाख का इनाम घोषित किया था। आरोपी को प्रयागराज एसटीएफ ने पंजाब से गिरफ्तार कर गोंडा पुलिस के हवाले कर दिया है।
गोंडा जिले के रहने वाले एक व्यक्ति से मोरंग और बालू खनिज का पट्टा दिलाने के नाम पर तीन लोगों ने मिलकर 50 लाख रुपये ठग लिए थे। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर परसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। तब से पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी न होने पर देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम घोषित किया था। घटना का मास्टरमाइंड हरवीर सिंह उर्फ काके को प्रयागराज एसटीएफ ने पंजाब से गिरफ्तार कर गोंडा पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर रही है।
गोंडा जिले के परसपुर थाना के गांव आटा दूबेपुरवा के रहने वाले सुनील कुमार द्विवेदी पुत्र ब्रहम प्रकाश द्विवेदी को मौरंग व बालू के खनिज का पट्टा दिलाने के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये की ठगी हुई थी। पीड़ित की तहरीर पर थाना परसपुर में तीन नामजद मदन गुप्ता, चंदन दीक्षित, हरवीर सिंह उर्फ काके आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी न होने पर पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र ने आरोपी हरवीर सिंह उर्फ काके की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का ईनाम घोषित किया था। मंगलवार को प्रयागराज एसटीएफ ने हरवीर सिंह को पंजाब के जिला तरन तारन साहिब थाना खालड़ा के पार्वती अस्पताल गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद गोंडा पुलिस उसे लेकर आई। जिले के परसपुर थाने में इसके खिलाफ पुलिस विधिक कार्रवाई कर रही है।
एसटीएफ के उप निरीक्षक गुलजार सिंह हेड कांस्टेबल पंकज तिवारी, हेड कांस्टेबल रोहित सिंह, हेड कांस्टेबल अजय कुमार यादव गिरफ्तारी टीम में शामिल रहे।