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सवालों के घेरे में रेप के आरोपी की मौत, टावर से लटकता मिला था युवक का शव

गोंडा जिले की देहात कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला, हालात उठा रहे कई सवाल
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गोंडा

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Hariom Dwivedi

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Updated: 4 Jan 2018, 8:36 AM IST

 rape accused suicide

गोण्डा. महज 24 घण्टों के भीतर दुराचार के आरोपी कृपाल की लाश एक बिजली के टावर से लटकती मिली। मृतक के दोनों हाथ पीछे बंधे थे। सुसाइड नोट में उसने अपने मरने का जिक्र नहीं किया, जिससे आत्महत्या की कहानी सवाल के घेरे में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी लटकने से मौत की पुष्टि कर रही है।

बीते मंगलवार की सुबह देहात के कोतवाली के गांव डोमीकल्पी निवासी कृपाल उर्फ पाले की गांव से थोड़ी दूर स्थित बिजली के टावर से उसकी लटकती हुई लाश मिली। मृतक के दोनों हाथ पीछे की तरफ बंधे थे, जिससे प्रश्न यह उठता है कि आत्महत्या करने से पहले यदि उसने अपने दोनों हाथ बांध लिये होते तो फिर खम्भे से कैसे लटकता। उसके पास से मिले सुसाइड नोट क्या उसके द्वारा ही लिखे गये थे या फिर वह किसी साजिश का शिकार हो गया। ये ढेर सारे अनसुलझे प्रश्नों के जवाब किसी के पास नहीं है।

किसी साजिश का शिकार तो नहीं हो गया कृपाल
जानकारी के मुताबिक, कृपाल के मां बाप की अर्सो पूर्व मौत हो चुकी है। उसके नाम से अचल सम्पत्ति भी है। सवाल ये भी उठ रहे हैं कि कहीं दुराचार का आरोप लगने के बाद वह सम्पत्ति के सौदागरों की साजिश का शिकार तो नहीं हो गया।

चचेरी बहन को क्यों बनाया वारिस
मृतक कृपाल के पास से मिले सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि वह अपनी चल अचल सम्पत्ति अपनी चचेरी बहन परमजीत कौर को दे रहा है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब चाचा के परिवारवालों से मृतक की नहीं बनती थी तो संपत्ति का वारिस चचेरी बहन को क्यों बनाया।

क्या था पूरा मामला
कृपाल पर एक जनवरी को गांव की ही एक लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर दुराचार करने का आरोप लगा था। कहा जाता है कि पीड़िता ने अपने बयान में कृपाल पर ही आरोप लगाये थे लेकिन अस्पताल प्रशासन व पुलिस की शिथिलिता के चलते पीड़िता की मौत हो गई, जबकि हालत ऐसी नहीं थी कि उसकी मौत हो जाये। सूत्र बताते हैं कि 31 दिसम्बर की रात गायब हुई पीड़िता सुबह बदहवास हालत में कृपाल के चाचा बेचा सिंह के घर पहुंची और उसने अपने मौसी के यहां भिजवा देने की बात कही। उसके हालत की नाजुकता को देख बेचा सिंह ने डायल 100 पुलिस को फोन कर बुलाया।

सामने आई पुलिस की लापरवाही
मौके पर पहुंची डायल 100 की टीम ने पीड़िता को अपनी गाड़ी पर लाकर अस्पताल में भर्ती कराना मुनासिब नहीं समझा और कोतवाली लाने की बात कहकर टीम वापस चली आयी। परिजनों द्वारा किसी तरह उसे देहात कोतवाली लाया गया। वहां पर अस्पताल में पहले भर्ती कराने की बात कही गयी। परिजन पीड़िता को लेकर महिला व जिला अस्पताल का चक्कर लगाते रहें। अनततः इलाज के अभाव में पीड़िता की मौत हो गयी।

वीडियो में देखें- बिजली के टॉवर से लटकता मिला था रेप के आरोपी युवक का शव...