
गोण्डा. नाबालिग से बलात्कार के आरोपी की 24 घंटे बाद ही लाश मिलने से हड़कंप मच गया। आरोपी की लाश गांव के बाहर खेत में लगे एक बिजली के टावर से लटकी मिली। पुलिस इसे आत्महत्या करार दे रही है, लेकिन परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। लाश के दोनों हाथ बंधे थे, जिससे प्रत्यक्षदर्शी हत्या की बात कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उसने आत्महत्या की तो उसके हाथ बंधे कैसे थे? मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने दुराचार न करने की बात कही है। उसका कहना था कि मृतका से वह केवल बात करता था। सुसाइड नोट में कोई हस्ताक्षर नहीं है, जिससे हत्या की बात और भी पुख्ता हो रही है।
बीते सोमवार को देहात कोतवाली के गांव डोमीकल्पा में एक 16 वर्षीय नाबालिग से दुराचार का मामला सामने आया था। किशोरी बेहोशी की हालत में मिली थी, जिसे कुछ नशीला पदार्थ खिलाया गया था। जिला अस्पताल ले जाते समय किशोरी की मौत हो गई थी। मामले में गांव के कृपाल सिंह उर्फ पाले को आरोपी बनाया गया था, मंगलवार को जिसकी लाश खंबे से लटकती मिली। बताया जाता है कि मृतका ने कृपाल पर ही दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
मृतक के दोनों हाथ बंधे थे
सोमवार को हुई दुष्कर्म की घटना में कृपाल आरोपी बना और मंगलवार को गांव के कुछ दूरी पर बिजली के टावर से लटकती हुई उसकी लाश मिली। उसके दोनों हाथ बंधे थे। हाथ बंधे रहने की वजह से घटना आत्महत्या के बजाय कुछ और इशारा कर रही है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह केवल बातचीत करता था।
लिखा- मेरी संपत्ति चचेरी बहन को मिले
मृतक के पासे से मिले सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि वह अपनी चल अचल सम्पत्ति अपनी चचेरी बहन परमजीत कौर को दे रहा है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब चाचा के परिवारवालों से मृतक की नहीं बनती थी तो संपत्ति का वारिस चचेरी बहन को क्यों बनाया।
पुलिस ने कहा- हो रही है जांच
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस सम्बन्ध में एसपी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के हाथ बंधे थे। सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। पोस्मार्टम रिपोर्ट आने के बाद सही वस्तुस्थिति का पता चल पाएगा।
फोटो- मृतक के परिजन...
देखें वीडियो...
Updated on:
03 Jan 2018 09:14 am
Published on:
03 Jan 2018 09:12 am
बड़ी खबरें
View Allगोंडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
