
फोटो सोर्स पत्रिका
गोंडा जिले में एक बार फिर विकास कार्यों में धांधली का मामला सुर्खियों में है। न्यायालय के निर्देश पर मनकापुर पुलिस ने ग्राम सभा भिटौरा में लाखों की रकम हड़पने के आरोप में तत्कालीन ग्राम प्रधान, सचिव समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया है। इस कार्रवाई से पूरे ब्लॉक में हड़कंप मचा हुआ है।
गोंडा जिले के विकासखंड मनकापुर के ग्राम पंचायत भिटौरा के रहने वाले राम रंग शुक्ला ने आरोप लगाया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्राम सभा भिटौरा के मजरे मलियनपुरवा में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के लिए आए 1,51,650 रुपये का गबन किया गया। यह सड़क रामनाथ शुक्ला के घर से फूलचंद के घर तक बनाई जानी थी। लेकिन कार्य कागजों तक ही सीमित रहा। राम रंग का कहना है कि इस गड़बड़ी की शिकायत उसने पहले ही तत्कालीन जिलाधिकारी से की थी। 2022 में गठित जांच दल में कृषि उपनिदेशक प्रेम कुमार ठाकुर और अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने जांच कराई थी। 2023 में रिपोर्ट सौंपी गई। जिसमें गबन की पुष्टि हुई और वसूली की संस्तुति भी की गई। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामला हाईकोर्ट, लखनऊ तक उठाया। अदालत ने साफ निर्देश दिया कि पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाए। लेकिन मनकापुर पुलिस और क्षेत्राधिकारी की जांच के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। मजबूर होकर पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुहार लगाई। अदालत ने सुनवाई के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।
कोर्ट के आदेश पर जिन लोगों के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज हुआ है। उनमें तत्कालीन ग्राम प्रधान नंदकिशोर, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी मालिक राम, रिटायर्ड अवर अभियंता लाल बहादुर सिंह और कथित प्रधान प्रतिनिधि राधेश्याम शुक्ल शामिल हैं।
मनकापुर थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि अदालत के निर्देश के बाद मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
Updated on:
15 Sep 2025, 8:33 AM IST
Published on:
15 Sep 2025, 8:32 AM IST
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