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UP Rains: बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी चिंतित हुए किसान, खेतों में खराब हो रहा पीला सोना

UP Rains: प्रदेश के लगभग जिलों में बीते 10 अप्रैल से बेमौसम बारिश की शुरुआत हुई है। खेतों में गेहूं की फसल पककर पूरी तरह से तैयार हो गई थी। किसानों ने कटाई का काम शुरू किया था। 10 अप्रैल को अचानक मौसम खराब होने के बाद गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या अंबेडकर नगर सहित आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के कारण गेहूं की फैसले अब खराब होने लगी है। 10 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी तूफान बारिश का सिलसिला अब थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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UP Rains

बारिश से खराब हो रही गेहूं की फैसले

UP Rains: गोंडा, बहराइच और बलरामपुर के कुछ स्थानों पर रविवार को हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शाम पांच बजे घने बादल छाने के साथ ही धूल भरी आंधी चलने लगी। जिले के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। कुछ जगह सिर्फ बूंदाबांदी हुई। इससे एक बार फिर गेहूं व अन्य तैयार फसलें और किसानों की पलकें भीग गईं। इसके अलावा सोमवार की सुबह तड़के करीब 3 बजे के आसपास एक बार फिर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। ऐसे में गेहूं की फसलों की कटाई पर जहां ब्रेक लग गया है। वहीं फसल अब खराब होने लगी है। गेहूं की कटी फसल को भीगने से अधिक नुकसान होगा।

10 अप्रैल से शुरू हुई बारिश, खेतों में खराब हो रहा पीला सोना, किसानों के अरमानों पर फिर पानी

गोंडा में एक लाख 10 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई है। इसमें से करीब 20 हजार हेक्टेयर फसल काटकर सूखने के लिए खेतों में रखी गई थी। बीते 10 अप्रैल को हुई बेमौसम बारिश से फसल भीग गई थी। मौसम साफ होने के बाद किसान भीगी फसलें सुखाने में जुट गए। शनिवार को फिर हल्की बारिश ने गेहूं के फसल को भिगो दिया। रविवार सुबह धूप खिली और किसान खेतों में फसल सुखाने लगे। लेकिन शाम पांच बजे आसमान में घने बादल छा गए। धूल भरी आंधी चलनी शुरू हो गई। इसे सफल कर रहे लोगों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ा।

कहीं हल्की तो कहीं माध्यम तो कुछ स्थानों पर हुई झमाझम बारिश

बारिश के बात करें तो गोंडा के लगभग इलाकों में कहीं हल्की से माध्यम तो कहीं सिर्फ बूंदाबांदी होने से फसलों की कटाई पर ब्रेक लग गया है। निचले इलाकों में खेतों में पानी लग जाने के कारण पीला सोना अब खराब होने लगा है। किसानों का कहना है कि 10 अप्रैल से शुरू हुई बे मौसम बारिश के कारण गेहूं का दाना अब काले पड़ने की संभावना है। वहीं, आंधी के कारण आम की बागवानी करने वाले किसानों को नुकसान हुआ है।

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50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर मुआवजा देने के नियम

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश से हो रही फसलों के नुकसान का आकलन कराया जा रहा है 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर मुआवजा देने का प्रावधान है। हालांकि किसानों का कहना है कि मुआवजा से उनका भला होने वाला नहीं है।