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पुलिस ढूंढती रही और कोर्ट से मिल गई राहत; JDU के बाहुबली विधायक की गिरफ्तारी पर रोक, 15 दिन से थे फरार

अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के आरोप में जदयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय को पुलिस पिछले 15 दिनों से तलाश रही थी। लेकिन पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी पर अब कोर्ट ने 7 मई तक के लिए रोक लगा दी है। 

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JDU MLA Amrendra Kumar Pandey

जदयू विधायक अमरेन्द्र कुमार पांडे उर्फ पप्पू पांडे

Bihar News:बिहार के गोपालगंज जिले की कुचायकोट विधानसभा सीट से JDU विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गोपालगंज की विशेष MP-MLA कोर्ट ने विधायक और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर फिलाहल के लिए रोक लगा दी है। एक जमीन विवाद के सिलसिले में कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद से पुलिस पप्पू पांडेय की तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक पकड़ नहीं पाई।

पप्पू पांडेय के ठिकाने पर पुलिस ने मार था छापा

जमीन माफियाओं को संरक्षण देने और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अवैध रूप से जमीन हड़पने के गंभीर आरोपों में घिरे पप्पू पांडेय की तलाश में गोपालगंज पुलिस ने आसमान-पाताल एक कर दिया था। SP विनय तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमों ने विधायक के पैतृक आवास, उनके पेट्रोल पंप और कई अन्य ठिकानों पर छापे मारे। 13 अप्रैल की सुबह-सवेरे मारे गए छापों के बाद से ही विधायक और उनके भाई सतीश पांडेय को फरार बताया जा रहा था। हालांकि, इससे पहले कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर पाती विधायक ने कानूनी दांव-पेच का सहारा लिया और 7 मई तक कोर्ट से अंतरिम राहत पाने में सफल रहे।

7 मई तक गिरफ्तारी पर रोक

मंगलवार को विधायक द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-3 राजेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट में सुनवाई हुई। विधायक की ओर से देश के जाने-माने कानूनी विशेषज्ञ और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान जब अभियोजन पक्ष ने केस डायरी की जांच के लिए समय मांगा, तो कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक और उनके CA की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई की तारीख (7 मई) तक रोक लगा दी।

16.93 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप

यह पूरा मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव के निवासी जितेंद्र कुमार राय द्वारा दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोप है कि विधायक पप्पू पांडेय और उनके भाई ने जमीन माफियाओं के साथ मिलकर, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए बेलवा गांव की रहने वाली किरण सिन्हा की 16.93 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। इसके अलावा, विधायक के गुंडों पर गोलीबारी करने और कमरों के ताले तोड़कर उन पर जबरदस्ती कब्जा करने का भी आरोप है। पुलिस ने अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पप्पू पांडेय को क्यों कहा जाता है बाहुबली?

6 बार के विधायक पप्पू पांडेय का गोपालगंज की राजनीति में दबदबा किसी से छिपा नहीं है। 14 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों में नाम होने के बावजूद उनका प्रभाव बरकरार है। पप्पू पांडेय पर पिछले कुछ सालों में कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें तिहरे हत्याकांड और रंगदारी मांगने के आरोप भी शामिल हैं। उनके बड़े भाई सतीश पांडे भी इस इलाके के एक जाने-माने व्यक्ति हैं और इसी मामले में उन पर भी आरोप हैं।

7 मई को अगली सुनवाई

फिलहाल कोर्ट के इस आदेश ने पुलिस की 15 दिनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और विधायक को बड़ी राहत दी है। हालांकि, यह राहत केवल 7 मई तक के लिए है। अगली सुनवाई में पुलिस द्वारा पेश की जाने वाली केस डायरी ही यह तय करेगी कि पप्पू पांडेय को नियमित जमानत मिलती है या नहीं।