25 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वायरल वीडियो मामला: मोकामा विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

Anant Singh Viral Video Case: गोपालगंज में एक कार्यक्रम के दौरान हथियारों के प्रदर्शन और अश्लील डांस के मामले में बाहुबली विधायक अनंत सिंह को फिलहाल राहत मिल गई है। कोर्ट ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। 

2 min read
Google source verification
Anant Singh viral video case

बाहुबली विधायक अनंत सिंह

Anant Singh Viral Video Case: बिहार के बाहुबली और मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह को गोपालगंज MP-MLA विशेष कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हथियार प्रदर्शन और अश्लील गानों के वायरल वीडियो मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद विधायक और उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इसी मामले में नामजद मशहूर भोजपुरी गायक गुंजन सिंह और अन्य आरोपियों को अदालत से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।

क्या है मामला?

पूरा मामला बीते 2 मई को सामने आए एक वीडियो से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। पुलिस के अनुसार, 2 और 3 मई को गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव का एक वीडियो सामने आया। हथियारों के प्रदर्शन और अश्लील गानों की धुन पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए थे। यह संदेह भी जताया गया था कि वीडियो में प्रतिबंधित आधुनिक हथियार दिखाए गए हैं।

वीडियो के सामने आने के बाद मीरगंज थाना पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए मोकामा विधायक अनंत सिंह और सिंगर गुंजन सिंह समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही विधायक की गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।

कोर्ट में क्या हुआ?

सुनवाई के दौरान, कोर्ट रूम में काफी गहमागहमी और कानूनी बहस का माहौल देखने को मिला। अनंत सिंह की ओर से पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पाठक ने अपनी दलीलें पेश कीं। वकीलों ने कोर्ट के समक्ष यह दलील दी कि वायरल वीडियो को देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि इस मामले में विधायक अनंत सिंह की कोई संलिप्तता नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि विधायक का नाम एक राजनीतिक साजिश के तहत इस FIR में घसीटा गया है।

इसके अलावा, उन्होंने यह तर्क दिया कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और फुटेज में कहीं भी कोई अश्लील मुजरा दिखाई नहीं देता है। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह उस खास जगह पर मौजूद भी नहीं थे, जहां कथित तौर पर वह अश्लील गाना बज रहा था।

अभियोजन पक्ष का दावा

दूसरी तरफ, सरकारी यानी अभियोजन पक्ष की ओर से जिला लोक अभियोजक देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने कोर्ट में पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि मीरगंज थाना इलाके के सेमराव गांव में इलाके के कुख्यात रहे गुड्डू राय के घर जनेऊ (उपनयन संस्कार) का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में विधायक अनंत सिंह अपने दर्जनों समर्थकों और गायक गुंजन सिंह के साथ पहुंचे थे, जहां हथियारों का यह प्रदर्शन हुआ। सरकारी वकील ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि वायरल वीडियो और उसमें दिख रहे हथियारों की प्रामाणिकता की जांच के लिए वीडियो को एफएसएल भेजा गया है।

9 लोगों पर दर्ज है केस

अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलों और सबूतों को देखने के बाद फिलहाल विधायक अनंत सिंह को राहत दे दी है और पुलिस को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक विधायक के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या दबावपूर्ण कार्रवाई (गिरफ्तारी जैसी) न की जाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने अगली तारीखें तय कर दी हैं। अब इस पूरे मामले में विधायक अनंत सिंह से जुड़े पक्ष पर अगली सुनवाई 29 मई को होगी, जबकि गायक गुंजन सिंह और अन्य आरोपियों के मामले में अगली सुनवाई 30 मई को की जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

राज्य

ट्रेंडिंग