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बुलेट पर बिना हेलमेट पत्नी संग सवार थे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, हजारों कार्यकर्ताओं ने भी उड़ाया ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

डॉ. निषाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश की लगभग 160 विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पार्टी इन सीटों पर अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए कमर कस रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 अप्रैल तक चार रैलियां आयोजित की जाएंगी। इनके जरिए निषाद समाज को एकजुट करने का प्रयास होगा।

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Up news, gorakhpur

फ़ोटो सोर्स: पत्रिका, डॉक्टर संजय निषाद

ट्रैफिक नियमों को धता बताते हुए गोरखपुर में बिना हेलमेट के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर संजय निषाद ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बाइक रैली निकाली, इस दौरान मंत्री खुद अपनी पत्नी को बुलेट पर बैठा कर चल रहे थे लेकिन दोनों के सिर पर हेलमेट नहीं था। यही हाल उनके पुत्र का भी था…अब जनता सवाल कर रही है कि क्या ट्रैफिक पुलिस इनका चालान काटेगी, या फिर केवल आम लोगों के लिए ही रूल रेगुलेशन लागू रहता है। ऐसा दोहरा मापदंड सरकार में बैठे लोगों और आम जनता के बीच क्यों अपनाया जाता है।

निषाद समाज की एकजुटता और जोर

रविवार दोपहर महंत दिग्विजयनाथ पार्क में निषाद पार्टी के प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन हुआ, अधिवेशन में मछुआरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने विशाल महारैली को संबोधित करते हुए समाज की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई पर जोर दिया।

मिलेगा रोजगार और शिक्षा का उचित अवसर

डॉक्टर संजय ने कहा कि निषाद समाज का आरक्षण हक है, भीख नहीं। समाज के लोगों ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई है, इसलिए उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अन्य पिछड़ा वर्ग से नौ प्रतिशत आरक्षण घटाकर अनुसूचित जाति में जोड़ा जाए, ताकि समाज के बच्चों को शिक्षा और रोजगार में उचित अवसर मिल सके।

सीएम योगी का संजय निषाद जताए आभार

संजय निषाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार से उन्हें उम्मीद है कि निषाद समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ानी होगी, तभी अधिकार सुनिश्चित हो पाएंगे। कार्यक्रम में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ समेत विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अधिवेशन में शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

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