
फ़ोटो सोर्स: पत्रिका, निषाद पार्टी की रैली
गोरखपुर में रविवार 22 मार्च को निषाद पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर शंखनाद कर दिया गया है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री लगभग 3 हजार बाइकों की के साथ पार्टी कार्यालय से निकले।
अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद खुद बुलेट लेकर आगे चले रहे हैं। रैली पादरी बाजार पुलिस चौकी, जेल तिराहा, असुरन चौक, गोलघर काली मंदिर, शास्त्री चौक होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचेगी। यहां से यात्रा पैडलेगंज होते हुए महंत दिग्विजयनाथ पार्क पहुंचेगी। यहां विशाल जनसभा होगी। जिसमें सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, अपना दल के आशीष पटेल उपस्थित रहेंगे।
निषाद पार्टी प्रदेश के चार बड़े शहरों में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश की लगभग 160 विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाता प्रभावी भूमिका में हैं। इसलिए 5 अप्रैल तक होने वाली इन 4 रैलियों के जरिए इन सीटों को साधने का प्रयास किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री डा. संजय निषाद ने बताया कि गोरखपुर में हमारी जड़ें हैं। 2007 में यहां रामगढ़ताल का पानी और प्रयागराज में निषादराज के किले की मिट्टी लेकर मैंने यात्रा शुरू की थी। उस यात्रा को 19 साल पूरे हो गए हैं और निषाद पार्टी को 10 साल।
संजय निषाद ने बताया कि वह मिट्टी व पानी प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों के साथ 20 राज्यों तक पहुंच चुकी है। सबसे पहली जीत भी यहीं मिली थी। प्रवीण निषाद ने 2018 लोकसभा उपचुनाव जीता था। संजय निषाद बोले कि मझवार/तुरैहा को अनुसूचित जाति में परिभाषित करना, खनन, बालू और पुश्तैनी घाटों पर अधिकार बहाली, वर्ग-3 की भूमि को मछुआ समाज के लिए पुनः आरक्षित करना, विमुक्त जाति/जनजाति के अधिकारों की बहाली, ओबीसी से 9 प्रतिशत काटकर एससी में आरक्षण देने की मांग करेंगे।
डॉ. संजय निषाद ने कहा कि गोरखपुर में हमारी जड़ें हैं, यही हमारी कर्मभूमि है। हमारी पढ़ाई लिखाई में फ्री में थी सपा ने उसे छीन लिया। रोजी रोटी हमारी बसपा ने छीन लिया। ये वापस हो। हमारी गिनती अनुसूचित जाति में हो। हम 4 बड़ी रैलियां करने जा रहे हैं। मोदी जी ने हमें सम्मान दिया।
योगी जी भी हमारी आवाजें उठाते रहे। यहां के कार्यकर्ताओं ने पूरे देश के मछुआरों को जगाया है। हमारी जीत सुनिश्चित होगी, संजय निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा, "मोदी जी जो कहते हैं, वो करते हैं।" रैली में बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग शामिल हुए, जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
प्रदेश में गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर, फतेहपुर आदि जिलों में निषाद बड़ी संख्या में हैं। 2022 विधानसभा में NDA गठबंधन में निषाद पार्टी ने 15 सीटों पर लड़ी थी। तब 9 सीटों पर उसे जीत मिली थी। इसमें से 6 उसके सिंबल पर जीते थे। अन्य भाजपा के सिंबल पर चुने गए थे। " यूपी में चारों रैली के जरिए मैं निषाद-केवट-मल्लाहों को बताना चाहता हूं कि आपका हक ऊंची जाति के लोग नहीं खा रहे हैं। बल्कि आपका हिस्सा लेदरमैन (दलित) और मिल्कमैन (यादव) खा रहे हैं।
Updated on:
22 Mar 2026 03:58 pm
Published on:
22 Mar 2026 03:22 pm
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