
BRD Medical College Tragedy
गोरखपुर. बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई की वजह से हुई बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पूर्व प्राचार्य डॉ.राजीव मिश्र व 100 नम्बर वार्ड प्रभारी रहे डॉ.कफील खान के खिलाफ अभी चार्जशीट दायर नहीं की गई है। पुलिस इन दोनों के खिलाफ अभियोजन के लिए सरकार की अनुमति का इंतजार कर रही है। अन्य छह आरोपियों के खिलाफ अनुमति मिल चुकी है, जबकि पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी के खिलाफ अनुमति की आवश्यकता ही नहीं है।
पुलिस द्वारा अभी तक जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए गए हैं, उनमें मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन रखरखाव के प्रभारी रहे डॉ.सतीश कुमार, उनके सहयोगी गजानन जायसवाल, पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, पूर्व प्रिंसिपल की पत्नी डॉ.पूर्णिमा शुक्ला, लिपिक उदय प्रताप, संजय व सुधीर शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार अबतक जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हैं उनमें तत्कालीन ऑक्सीजन प्रभारी डॉ.सतीश के खिलाफ सदोष मानव वध का केस दर्ज है। अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का दोषी जांच में पाया गया है। जबकि पुष्पा सेल्स के मालिक को केवल ऑक्सीजन सप्लाई रोकने का साजिशकर्ता माना गया है।
इनके खिलाफ अभी दाखिल नहीं हुई है चार्जशीट
निलंबित प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा
रपट के अनुसार बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निलंबित प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा का अपने ही स्टाफ व सहयोगी डॉक्टर्स पर कोई प्रभाव नहीं। इनके आदेशों की अनदेखी तक करते रहे। प्राचार्य को सब पता होने के बाद भी ऑक्सीजन सप्लाई सुचारू रहे इसके लिए कोई पहल नहीं की गई। यहां तक कि आपूर्ति बंद होने की चेतावनी सम्बंधित सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। हद तो यह कि मेडिकल कॉलेज में इतने बड़े संकट की आशंका को जानने के बाद भी 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के तत्काल बाद छुट्टी पर चले गए। उनपर खुद मुख्यमंत्री भी आरोप लगा चुके हैं कि वह दो दिन पहले चार घंटे तक मेडिकल कॉलेज में रहे लेकिन एक बार भी इस संभावित संकट पर चर्चा नहीं की। इसलिए इनपर केस दर्ज हुआ। एसटीएफ में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभी अभियोजन चलाने के लिए सरकार की अनुमति का इंतजार।
डॉ.कफील खान
डॉ. 100 नम्बर के प्रभारी थे। ऑक्सीजन ख़त्म होने की बात अधिकारियों तक समय से नहीं पहुंचाई। इसके अलावा इनपर प्राइवेट प्रैक्टिस का भी आरोप है। इसलिए ये भी इस मामले में आरोपी हैं और इनके खिलाफ भी केस दर्ज है। एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार। अभी चार्जशीट नहीं।
by Dheerendra V Gopal
Published on:
28 Oct 2017 12:49 pm
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