
गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थानाक्षेत्र स्थित तरकुलहा देवी मंदिर में दर्शन को आया एक परिवार में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्यारह वर्षीय बच्चा अचानक से लापता हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस फौरन एक्टिव हुई और सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज की मदद से चार घंटे में ही बालक को देवरिया से बरामद कर किया। चौंकाने वाली बात है कि इस अपहरण का मास्टर माइंड उसका मौसेरा भाई ही निकला। पुलिस ने मौसेरे भाई, उसी गर्ल फ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश में चल रही है छापेमारी।
जानकारी के मुताबिक यह घटना 21 मई की है। वादी अपने बेटे को लेकर तरकुलहा देवी मंदिर आया था। दोपहर करीब 3 बजे बच्चा अचानक गायब हो गया। परिजन उसे इधर-उधर ढूंढ ही रहे थे कि तभी वादी के मोबाइल पर एक कॉल आई कि " तुम्हारा बेटा मेरे कब्जे में है, इसकी सलामती चाहते हो तो ढाई लाख रुपया तैयार रखना। घबड़ाया पिता इसकी सूचना तुरंत चौरी चौरा थाने को दिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और SSP राजकरन नैय्यर के निर्देश पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की गई।
पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज से जानकारी जुटाई तब पता चला कि इस पूरे अपहरण की साजिश बच्चे के मौसेरे भाई पीयूष सिंह ने रची थी। उसके साथ नेहा साहनी और अभिषेक सिंह भी शामिल थे। योजना के मुताबिक, पीयूष लगातार वॉट्सएप के जरिये अपने साथियों को पुलिस और परिजनों की हर गतिविधि की खबर देता रहा। भरोसे में लेकर वह फिरौती की रकम एक लाख रुपये लेकर भागा, जो बाद में पुलिस ने बरामद कर ली।
SP नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और CO चौरीचौरा अनुराग सिंह ने फौरी कारवाई करते हुए कुछ ही घंटों में पीयूष सिंह और नेहा साहनी को दबोच लिया। उनके कब्जे से व्यपहृत बच्चा सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया।घटना में प्रयुक्त एक बाइक, दो मोबाइल फोन और फिरौती की रकम 1 लाख रुपये भी पुलिस ने बरामद कर ली। तीसरा आरोपी अभिषेक सिंह अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। SSP राज करन नैय्यर ने पुलिस की इस सफलता पर पुलिस टीम को 25 हजार रूपये देने की घोषणा किए। इस टीम में इंस्पेक्टर चौरीचौरा वेदप्रकाश शर्मा, और एक महिला कांस्टेबल सहित 13 पुलिसकर्मी शामिल थे।
Updated on:
23 May 2025 09:28 am
Published on:
23 May 2025 09:28 am
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