
डीडीयू
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपनी आवश्यकताओं के लिए वैकल्पिक ऊर्जा का सहारा लेने की दिशा में पहला कदम आज बढ़ा दिया। जल्द ही विवि सौर उर्जा से रोशन होगा।
कुलपति प्रोफेसर विजय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न विकास समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। समिति द्वारा सौर ऊर्जा हासिल करने के लिए रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाए जाने को मंजूरी दे दी गई। विश्वविद्यालय ने इस काम के लिए दिल्ली की एक कंपनी क्लीन मैक्स इनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी दी है। कंपनी द्वारा विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाएगा। इसके इस्टालेशन से लेकर सप्लाई तक की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। विवि इसके लिए कंपनी को प्रति यूनिट की दर से भुगतान करेगा।
विवि के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि इस संयंत्र को लगाने का खर्च कंपनी स्वयं वहन करेगी और विश्वविद्यालय से प्रति यूनिट ₹3. 91 पैसे की दर से भुगतान प्राप्त करेगी ।
कंपनी सोलर पैनल के जरिए 15 मेगा वाट बिजली का ऑनलाइन उत्पादन करेगी। आम तौर पर विश्वविद्यालय को 900 किलोवाट बिजली की जरूरत पड़ती है। शेष बिजली पावर ग्रिड को उपलब्ध कराकर विश्वविद्यालय रात में खर्च होने वाली बिजली की कीमत समायोजित कर सकेगा। कंपनी आगामी 4 महीने में सोलर पैनल लगाने का काम पूरा कर लेगी।
इसके अतिरिक्त विकास समिति ने विभिन्न छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत कार्य को पूरा करने के लिए मंजूरी दे दी। विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में भी आवश्यक निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई ।
बैठक में यह चेतावनी निर्देश भी जारी किया गया कि स्वीकृत राशि से अधिक के निर्माण कार्य तब तक न कराए जाएं जब तक कि इसके लिए पुनः स्वीकृति प्राप्त ना हो जाए।
बैठक में कुलपति प्रो विजय कृष्ण सिंह, कुलसचिव, वित्त अधिकारी ,विश्वविद्यालय अभियंता गण के अतिरिक्त विकास समिति के सदस्य प्रो राजेंद्र सिंह तथा प्रो केएन सिंह उपस्थित रहे।
Published on:
05 Jan 2018 10:12 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
