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गोरखपुर में फर्जी वकील बनाम असली वकील…बार एसोसिएशन हुआ सख्त, वकीलों की होगी चेकिंग

गोरखपुर में दीवानी कचहरी में असली बनाम फर्जी वकीलों का विवाद जोरों पर चल रहा हैं। बार पदाधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए फर्जी वकीलों को चिन्हित करने का निर्देश दिया है।

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फोटो सोर्स : सोशल मीडिया, गोरखपुर में असली वकील ढूंढ रहे है फर्जी वकीलों को

गोरखपुर दीवानी कोर्ट में एक नया बखेड़ा शुरू हुआ है, यहां फर्जी अधिवक्ताओं के घूमने की शिकायत के बीच उनकी पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके लिए एक 23 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मृत्युंजय राज सिंह के नेतृत्व में गठित कमेटी फर्जी अधिवक्ताओं की जांच करेगी। इसके बाद कार्रवाई कर बार एसोसिएशन को रिपोर्ट देगी।

कमेटी में शामिल यह वकील करेंगे जांच

गोरखपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु प्रताप पांडेय एवं मंत्री गिरिजेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि कमेटी में मृत्युंजय राज सिंह संयोजक, स्नेहा मिश्रा, पुष्पा सिंह, अनिल पासवान, अनुराग उपाध्याय, अभिषेक पांडेय सह संयोजक बनाए गए हैं। इसी तरह रविंद्र भूषण धर दुबे, वेद भूषण रावत, आशुतोष पांडेय, अनूप शुक्ला, आदर्श शुक्ला, बृजेंद्र सहाय मिश्र, सुमित कुमार मिश्र, सूरज यादव, मोहम्मद आतिफ, कविता पासवान, मनीष कुमार द्विवेदी, विष्णु मोहन यादव, शुभम यादव, क्षेमेश यादव, आदित्य सिंह, अंकुर त्रिपाठी व गोविंद उपाध्याय को सदस्य बनाया गया है।

जो बार कौंसिल के सदस्य नहीं, वो भी स्वयं को बता रहे हैं अधिकवक्ता

बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के अध्यक्ष भानु प्रताप पांडेय एवं महामंत्री गिरिजेश मणि त्रिपाठी ने एक चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा कि कचहरी में कई लोग फर्जी अधिवक्ता बनकर घूम रहे हैं। सभी वकीलों को सतर्क करते हुए ऐसे लोगों के बारे में जानकारी भी मांगी है। पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ अज्ञात लोग एडवोकेट का ड्रेस धारण करके न्यायालय परिसर, कोर्ट रूम, कार्यालय व प्रशासनिक कार्यालय में घूमते रहते हैं। वे बार कौंसिल आफ उत्तर प्रदेश व बार एसोसिएशन सिविल कोर्टसे पंजीकृत भी नहीं हैं। वे स्वयं को अधिवक्ता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

फर्जी वकीलों को चिन्हित कर सूचित करें

पदाधिकारियों ने सभी अधिवक्ताओं के लिए जारी पत्र में इस बात का उल्लेख किया है। उन्होंने सभी लोगों से फर्जी वकीलों को चिह्नित कर उनकी सूचना देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के कार्यालय में देने को कही है। जिससे उनपर कार्रवाई की जा सके।

फर्जी वकीलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं पर होगी करवाई

बार के पदाधिकारियों की ओर से अधिवक्ताओं को भी चेतावनी दी गई है। फर्जी वकीलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। फर्जी वकीलों को पकड़ने के लिए एक टीम का गठन भी किया जा रहा है। यह टीम जल्द ही काम करना शुरू कर देगी। पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश एवं बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट की ओर से जारी पहचान पत्र व सीओपी कार्ड अपने पास जरूर रखें। ताकि जांच करके फर्जी लोगों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।