
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मिले बजट से पूर्वोत्तर रेलवे में चल रहे विकास कार्यों की गति में न सिर्फ तेजी आएगी, बल्कि समय से निर्माण कार्य भी पूरे होंगे। यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा।पूर्वोत्तर रेलवे का विकास 6470.20 करोड़ रुपये से होगा। पूर्वोत्तर रेलवे में पड़ने वाले पूर्वोत्तर रेलवे, उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के विकास के लिए भी रेल मंत्रालय ने रिकार्ड 19, 848 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।
बजट 2024-25 में पूर्वोत्तर रेलवे में चल रही नई रेल लाइनों के विस्तार, दोहरीकरण, तीसरी रेल लाइन और आमान परिवर्तन (छोटी से बड़ी लाइन) के लिए पर्याप्त धन मिला है। सहजनवां-दोहरीघाट, आनंदनगर-घुघली और खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के निर्माण में तेजी आएगी। गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर और भटनी-औड़िहार रेलमार्ग का समय से दोहरीकरण पूरा होगा।कैंट-वाल्मीकिनगर का दोहरीकरण आरंभ हो चुका है। भटनी-औड़िहार का कार्य प्रगति पर है। गोरखपुर के रास्ते कुसम्ही से डोमिनगढ़ के बीच तीसरी रेल लाइन (थर्ड लाइन) भी दिसंबर 2024 तक बिछ जाएगी। चल रहे इन निर्माण कार्यों को गति मिलेगी। ट्रेनों की रफ्तार 110 से 130 किमी प्रति घंटे बढ़ाने के लिए रेल लाइन बदली जा रही हैं।
आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इसके लिए भी बजट मिला है। दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकने तथा आमजन की सुविधा के लिए समपार फाटकों पर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) और रोड अंडरब्रिज (आरयूबी) बनाए जा रहे हैं। इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए 441.70 करोड़ का प्रविधान किया गया है।नकहा जंगल, मानीराम के अलावा लखनऊ मंडल के बस्ती और मुंडेरवा स्टेशन यार्ड स्थित क्रासिंग पर आरओबी निर्माण में तेजी आएगी। पूर्वोत्तर रेलवे में पिछले चार वर्ष में 416 समपार फाटक बंद किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में सभी समपार फाटकों को पूरी तरह से बंद कर दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाने की योजना है।पुलों के सुदृढ़ीकरण, सिग्नल एवं दूर संचार, विद्युत कार्य, यातायात सुविधा, विद्युतीकरण और संरक्षा के लिए भी धन मिला है।
उत्तर प्रदेश को 19,848 करोड़।
पूर्वोत्तर रेलवे को 6470.20 करोड़।
नई लाइन निर्माण के लिए 1,198.50 करोड़।
आमान परिवर्तन के बचे कार्यों के लिए 347.24 करोड़।
दोहरीकरण एवं तीसरी लाइन निर्माण के लिए 1,242.10 करोड़।
रेल पथ नवीनीकरण कार्य के लिए 605 करोड़।
आरओबी और आरयूबी निर्माण के लिए 441.70 करोड़।
पुलों के सुदृढ़ीकरण के लिए 76.76 करोड़।
यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं विकास के लिए 549.50 करोड़।
सिग्नल एवं दूर संचार कार्य के लिए 203.64 करोड़।
विद्युत कार्य के लिए 121.30 करोड़।
यातायात सुविधाओं के विकास के लिए 541 करोड़।
कर्मचारी कल्याण के लिए 19.26 करोड़।
विद्युतीकरण के लिए 111.50 करोड़।
सड़क संरक्षा कार्य (समपार) के लिए 51.66 करोड़।
Published on:
18 Aug 2024 04:16 pm
