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गोरखपुर से क्या खतरे में है रविकिशन की लोकसभा सीट…सीएम योगी की चुटकी से गरमाई राजनीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 144 बेडेड महिला हॉस्टल की आधारशिला रखी और साइबर सेंटर का लोकार्पण किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों, शिक्षा के विकास और तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर दिया। साथ ही छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

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Up news, gorakhpur

फ़ोटो सोर्स: पत्रिका, cm योगी

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में प्रस्तावित फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक हल्की-फुल्की टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के सांसद रवि किशन को लेकर चुटकी लेते हुए इशारों में कहा कि भविष्य में इस सीट पर महिला प्रत्याशी भी दावेदारी कर सकती है।

सीएम के भाषण के अलग अलग निकाले जा रहे हैं अर्थ

मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि मंच से कही गई यह बात हास्य के रूप में थी, लेकिन इसे आगामी लोकसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। खासकर तब, जब देश में नारी वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) को लेकर चर्चा लगातार जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि इस व्यवस्था से उनके ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि महिलाओं के लिए एक अतिरिक्त सीट बढ़ सकती है। उनके इस बयान को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं।

महिला आरक्षण लागू करने का है प्रावधान

गौरतलब है कि संसद द्वारा पारित नारी वंदन अधिनियम के तहत भविष्य में लोकसभा और विधानसभा सीटों पर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किए जाने का प्रावधान है। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था आगामी चुनावों में लागू हो सकती है, जिससे कई सीटों के समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में गोरखपुर जैसी महत्वपूर्ण सीट पर भी नए चेहरे सामने आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

कही बदलाव की उम्मीद तो नहीं

स्थानीय स्तर पर भी इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कुछ लोग इसे महज मंचीय हास्य मान रहे हैं, तो कुछ इसे संभावित राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। वहीं आम जनता के बीच भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं—कहीं बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है, तो कहीं वर्तमान सांसद के कार्यकाल पर चर्चा हो रही है।

गोरखपुर सीट पर उभरेगी कैसी तस्वीर

हालांकि अभी तक पार्टी या किसी आधिकारिक स्तर पर इस तरह के किसी बदलाव के संकेत नहीं दिए गए हैं। लेकिन मुख्यमंत्री की इस चुटकी और बयान ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी लोकसभा चुनाव में गोरखपुर सीट पर क्या तस्वीर उभरती है—क्या रवि किशन को एक बार फिर मौका मिलेगा या पार्टी किसी नए, संभवतः महिला चेहरे पर भरोसा जताएगी। समय के साथ ही इन सभी सवालों के जवाब सामने आएंगे।

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