
फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, यूपी के भ्रष्ट विभाग
UP में घूसखोरों पर लगातार ट्रैपिंग की कारवाई जारी है, इसमें राज्य सरकार के सभी विभाग शामिल हैं। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के एक्शन में सामने आया है कि घूसखोरी में राजस्व विभाग के कर्मी पुलिस से आगे हैं। बीते चार वर्षों में 680 भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी घूस लेते धरे गए। इनमें सर्वाधिक 266 राजस्व कर्मी हैं और 108 पुलिस कर्मी भी शामिल हैं।
इसके अलावा पंचायती राज, चकबंदी, शिक्षा विभाग, चिकित्सा, स्थानीय निकाय, कृषि विभाग, उद्योग, बाट व माप, उप्र पावर कारपोरेशन समेत अन्य विभागों के भ्रष्ट कर्मचारी भी घूस लेने में पीछे नहीं हैं। बीते चार वर्षों में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) की कार्रवाई से साफ है कि भ्रष्टाचारियों को जेल पहुंचाने की रफ्तार बढ़ी है।
CM योगी आदित्यनाथ का राजस्व से जुड़े मामलों के फास्ट एक्शन के साथ ही जनशिकायतों की सुनवाई पर खास जोर रहा है। विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार की गोपनीय शिकायतों की जांच व कार्रवाई के लिए जांच एजेंसियों के हाथ भी मजबूत किए गए हैं। भ्रष्टाचार निवारण संगठन का विस्तार किए जाने के साथ ही सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की सक्रियता बढ़ाई गई।
विजिलेंस की सक्रियता से ग्रामीण इलाकों से जमीनों की नापजोख, वरासत से जुड़ी शिकायतों की भरमार लग गई। ऐसे मे ACO ने किसानों और गरीबों से जुड़े मामलों में तेजी बरती और नतीजा सबसे ज्यादा राजस्व कर्मियों की गिरफ्तारी के रूप में सामने आया। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय दिलाने के मकसद से ACO की आठ नई इकाइयों का गठन कराए जाने के साथ ही मंडल स्तर पर गठित कुल 18 इकाइयों को थाने के रूप में अधिसूचित किया गया है।
बिजली विभाग- 63, शिक्षा विभाग- 29, चकबंदी- 19, स्थानीय निकाय- 17, चिकित्सा- 16, सिंचाई- 13, ग्राम्य विकास- 08, कृषि विभाग- 05, वन विभाग- 05, मंडी परिषद- 05, उच्च शिक्षा- 04, 2025 (19 दिसंबर तक) में 226 लोक सेवक गिरफ्तार हुए
Published on:
27 Dec 2025 04:34 pm
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