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वंदे भारत के डिपो के लिए अभी और करना होगा इंतजार, नहीं मिल पा रही है पर्याप्त जमीन…200 करोड़ का है एस्टीमेट

रेलवे प्रशासन आने वाले समय में गोरखपुर से दिल्ली, आगरा और बनारस जैसे प्रमुख शहरों के लिए और वंदे भारत ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही अमृत भारत ट्रेनें भी शुरू की जानी हैं। इसके लिए एक डिपो की जरूरत अत्यावश्यक है।
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गोरखपुर

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anoop shukla

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Updated: 20 Apr 2026, 4:07 PM IST

Up news, gorakhpur

फ़ोटो सोर्स: सोशल मीडिया, वंदेभारत ट्रेन

गोरखपुर में वंदे भारत ट्रेनों के लिए डिपो बनाने का ड्रीम प्रोजेक्ट अभी और लटकेगा, इस कारण जनता को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। सहजनवा में प्रस्ताव पहले ही खारिज हो जाने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन अब इसके लिए नई जगह की तलाश में जुट गया है। क्योंकि अब तक जिन स्थानों पर जमीन देखी गई, वहां पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी।

गोरखपुर, भटनी में नहीं मिल पाई पर्याप्त जमीन

भारतीय रेलवे के तहत पूर्वोत्तर रेलवे ने पहले गोरखपुर और भटनी में जमीन खोजने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों जगह पर्याप्त भूमि नहीं मिल पाई। इसके बाद अब निजी जमीन और राज्य सरकार की जमीन पर भी नजर डाली जा रही है।सहजनवा में प्रस्ताव पहले ही खारिज हो चुका है। अब अधिकारियों ने भीटी रावत के महुआपार इलाके में जमीन चिह्नित की है। यहां रेलवे लाइन और हाईवे के बीच स्थित जमीन का सर्वे भी पूरा हो चुका है। बताया जा रहा है कि यहां डिपो बनाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है।

200 करोड़ की लागत का अनुमान, एक किमी लंबी जमीन की होती है जरूरत

महुआपार में फिलहाल डिपो बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। फिलहाल अभी अंतिम निर्णय का इंतजार है। रेलवे प्रशासन ने शुरुआत में मानीराम, पीपीगंज और नकहा जंगल जैसे इलाकों में भी जमीन देखी थी, लेकिन वहां जगह कम पड़ी। न्यू वाशिंग पिट में भी योजना बनाई गई, लेकिन वहां भी पर्याप्त भूमि नहीं मिल सकी। रेलवे बोर्ड के अनुसार, वंदे भारत डिपो के लिए कम से कम एक किलोमीटर लंबी जमीन जरूरी होती है, खासकर वाशिंग पिट के लिए।

न्यू वाशिंग पिट में किसी तरह अरेंज हो रही है दो वंदे भारत

वंदे भारत एक्स्प्रेस ट्रेनों के संचालन के लिए डिपो बहुत जरूरी होता है। यहां ट्रेनों की सफाई, धुलाई और मरम्मत का काम होता है। फिलहाल गोरखपुर के न्यू वाशिंग पिट में किसी तरह दो वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हो रहा है, जो गोरखपुर-लखनऊ-प्रयागराज और गोरखपुर-पाटलिपुत्र रूट पर चलती हैं। तीसरी ट्रेन (गोरखपुर-आगरा) के लिए जगह की कमी के कारण कोचिंग डिपो ने हाथ खड़े कर दिए हैं।