
आपत्तिजनक वीडियो लेकर थाने पहुंची महिला, बोली-“इसमें मैं हूं, मैंने ही इसे शूट किया है” (Source: Police Media Cell)
Gorakhpur Crime Against Women: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की एक भयावह तस्वीर भी पेश करता है। खोराबार थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला खुद का आपत्तिजनक वीडियो लेकर थाने पहुंच गई। महिला ने पुलिस को वीडियो दिखाते हुए कहा-“इस वीडियो में मैं हूं और इसे मैंने ही शूट किया है।” महिला की यह बात सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। लेकिन जब महिला ने पूरी कहानी सुनाई, तो मामला गंभीर अपराध का निकला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
खोराबार थाने में जब महिला मोबाइल फोन लेकर पहुंची, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने साथ ऐसा सबूत लाई है, जो एक बड़े अपराध का खुलासा कर देगा। महिला ने साफ कहा कि यह वीडियो न तो वायरल हुआ है और न ही किसी ने इसे चोरी-छिपे शूट किया है। बल्कि यह वीडियो उसी ने जानबूझकर रिकॉर्ड किया है। महिला ने पुलिस को बताया कि वीडियो में उसके साथ जो व्यक्ति नजर आ रहा है, वह उसका पति नहीं है। उसका पति विदेश में नौकरी करता है और लंबे समय से घर से बाहर है। महिला अपने सास-ससुर और बच्चों के साथ गोरखपुर में रहती है।
महिला के मुताबिक, 19 सितंबर तक उसका जीवन पूरी तरह सामान्य चल रहा था। उस दिन वह रोजमर्रा का सामान लेने के लिए बाजार गई थी। दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। चक्कर और कमजोरी महसूस होने पर वह मजनूं तिराहा के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंची। मेडिकल स्टोर का संचालन किशुन गुप्ता नामक व्यक्ति करता था। महिला ने उससे दवा मांगी। आरोपी ने उसे दवा दी और आराम करने के लिए मेडिकल स्टोर के अंदर बैठने की सलाह दी। महिला का कहना है कि दवा लेने के कुछ ही समय बाद वह बेहोश हो गई।
महिला ने बताया कि जब वह बेहोश थी, तभी आरोपी किशुन गुप्ता ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया। होश में आने पर महिला को कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ, लेकिन वह उस समय मानसिक रूप से इतनी कमजोर थी कि विरोध नहीं कर सकी। बाद में आरोपी ने महिला को वीडियो दिखाया और उसे वायरल करने की धमकी देने लगा। यही से महिला की जिंदगी में डर और ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू हो गया।
महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने वीडियो के सहारे उसे लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह आए दिन महिला को बुलाता और जबरन शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर करता। आरोपी धमकी देता था कि अगर महिला ने किसी को कुछ बताया, तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। तीन महीने तक यह सिलसिला चलता रहा। महिला अंदर ही अंदर घुटती रही। समाज, परिवार और बच्चों की इज्जत के डर से वह चुप रही। पति के विदेश में होने के कारण वह खुद को और भी असहाय महसूस कर रही थी।
लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण से तंग आकर महिला ने आखिरकार हिम्मत जुटाई। उसने तय किया कि अब वह आरोपी को सबक सिखाएगी। महिला ने एक योजना बनाई। उसने अपने मोबाइल फोन को रिकॉर्डिंग मोड में करके छिपा दिया। इसके बाद उसने आरोपी को मिलने के लिए बुलाया। आरोपी हमेशा की तरह वहां पहुंचा और महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस बार पूरी घटना महिला के मोबाइल में रिकॉर्ड हो चुकी थी।
घटना के बाद महिला सीधे खोराबार थाने पहुंची और पुलिस को पूरा सच बता दिया। उसने आरोपी द्वारा किए गए दुष्कर्म, तीन महीने तक की ब्लैकमेलिंग और धमकियों की पूरी जानकारी दी। साथ ही, अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी पुलिस को सौंप दिया। महिला ने पुलिस से साफ कहा कि यह वीडियो उसी ने सबूत के तौर पर बनाया है, ताकि आरोपी को सजा मिल सके।
महिला की शिकायत और वीडियो साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक किशुन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि महिला की तहरीर और वीडियो के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
इस मामले में महिला द्वारा बनाया गया वीडियो सबसे अहम सबूत साबित हुआ। अक्सर ऐसे मामलों में पीड़ितों को सबूतों की कमी के कारण न्याय पाने में कठिनाई होती है, लेकिन यहां महिला की सूझबूझ और साहस ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस ने वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि अदालत में मामला मजबूत तरीके से पेश किया जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद गोरखपुर में चर्चा का माहौल है। लोग महिला के साहस की तारीफ कर रहे हैं, जिसने सामाजिक डर और बदनामी की परवाह किए बिना आरोपी के खिलाफ आवाज उठाई। महिला अधिकार संगठनों का कहना है कि यह घटना उन महिलाओं के लिए मिसाल है, जो शोषण का शिकार होकर भी चुप्पी साध लेती हैं। सही समय पर सही कदम उठाने से न सिर्फ अपराधी पकड़े जाते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी नहीं जाता।
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Updated on:
27 Dec 2025 10:00 am
Published on:
27 Dec 2025 09:12 am
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