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कैंसर जैसी जटिल बीमारियों से लड़ने की ताक़त देता है योग – प्रो पूनम टंडन, कुलपति

शरीर में रक्त के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई शरीर के सभी कोशिकाओं में सम्यक रूप से अंग प्रत्यङ्गो में होता है जिससे ऑक्सिजनेशन ऑफ सेल्स के द्वारा एवं नकारात्मकता हटने के कारण शरीर में एक सुखद एवं सकारात्मक वातावरण का विकास होता है और कैंसर से मुक्ति मिलती है।

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महिला अध्ययन केंद्र ,दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के तथा हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 ”yoga for one earth ,one health” के संकल्प को साकार करते हुए “योगा फॉर कैंसर प्रिवेंशन एंड क्योर" कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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योग के साथ आहार भी महत्वपूर्ण

कार्यक्रम की शुरुवात में कैंसर पीड़ितों से वार्तालाप के दौरान बताया गया कि कैंसर असाध्य रोग नहीं है, योग के माध्यम से इसे ठीक कर सकते हैं।इसके लिए शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मनोबल को भी ऊंचा रखना होगा। आगे उन्होंने बताया कि योग के साथ आहार का भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।

योग अभ्यास के शुरुवात में ॐ का उच्चारण

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर पीड़ितों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करके, प्रतिरक्षा बूस्ट करने से संबंधित योग अभ्यास कराना है। कार्यक्रम के अगले कड़ी में योग प्रशिक्षिका नीलम ने सर्वप्रथम सभी को प्रणाम करते हुए कहा कि योग कैंसर में लाभप्रद है इसके बाद सूक्ष्म व्यायाम व प्राणायाम शुरू कराया। योग अभ्यास के शुरुवात में ॐ का उच्चारण कराया।सर्वाइकल कैंसर के लिए गले से सम्बन्धित योग कराया।

मधुमेह के लिए भी बताया गया योग

जिन लोगों को मधुमेह है,उनके लिए भी योग बताया। योग के दौरान अनुलोम विलोम का अभ्यास कराया ताकि अंदर की ऊर्जा शक्ति बढ़ा सके। अनुलोम विलोम शुद्ध ऑक्सीजन शरीर के अंदर ले जाता है तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है।कपालभाति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है तथा शरीर को लगभग 50 % रोग मुक्त करता है।गैस तथा तनाव की समस्या से मुक्ति के लिए योग का सुझाया गया। व्यायाम से अंदरूनी शक्ति व ऊर्जा शक्ति का संचार होता है।

प्रश्नकाल का आयोजन

योग अभ्यास के पश्चात प्रश्न काल का आयोजन किया गया जिसमें कैंसर पीड़ितों तथा उनके साथ आए परिजनो को प्रश्न पूछने का मौका दिया गया, जिसमें साइटिका से संबंधित योग बताया गया। यह भी बताया गया कि बटरफ्लाई योग युटेरस संबंधित बीमारियों के साथ साइटिका में भी लाभदायक है।

आहार की महत्वता में सुबह का नाश्ता महत्वपूर्ण

आहार की महत्ता को बताए हुए कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर दिव्या रानी सिंह जी ने बताया कि सुबह का नाश्ता बहुत ही महत्वपूर्ण है। सुबह के समय भोजन राजा की तरह, दोपहर में गरीब की तरह तथा शाम में भिखारी की तरह भोजन करना चाहिए। भोजन में गुड़, चना ,नींबू, सत्तू, खीरा तथा दाल व हरी सब्जियों को शामिल करें। परंपरागत भोजन की महत्ता को बताते हुए उन्होंने कहा कि थाली में बफ़ौरी, दाल का दूल्हा, फारा, लिट्टी चोखा, तथा रिक्वच को पुनः शामिल करने की जरूरत है।

योग से हैप्पी हार्मोंस की होती है वृद्धि

कैंसर से पीड़ित रोगियों में नकारात्मक वातावरण होता है एवं समाज भी उनको उपेक्षा की दृष्टि से देखता है जिससे उनका जीवन जीना अत्यंत कठिन होने लगता है इस परिस्थिति में ध्यान, प्राणायाम एवं आसन उनके शरीर में हैप्पी हारमोंस जैसे इंडोर्फिन की मात्रा में वृद्धि करके तनाव में कमी लाता है, मेटास्टैसिस में कमी लाकर रिकरेंस ऑफ़ कैंसर सेल्स को रोकता है एवं शरीर में मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित कर डिजनरेशन और रिजेनरेशन ऑफ सेल्स मैं सामंजस्य लाता है।

नवीन कोशिकाओं का होता है जन्म

निरंतर कम हो रहे वजन और भूख की कमी को सामान्य स्थिति में लाता है और वही मृत कोशिकाओं को समाप्त कर नई कोशिकाओं के उत्पादन में सहायक होता है अर्थात उपरोक्त योगाभ्यास उनके शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र को विकसित करता है जिससे रोगों से लड़ने की शक्ति विकसित होती है और शरीर सम स्थैतिकता की ओर प्राप्त होता जाता है।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल के प्रबंधक अवनीश पांडे इसके साथ डॉ मुस्तफा खान एवं आयुष श्रीवास्तव भी उपस्थिति रहे , इनके सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा। हॉस्पिटल कर्मियों के साथ साथ विभाग की शोध छात्राएं डॉ पूनम, काजोल आर्यन, पल्लवी शर्मा, कीर्ति उपस्थित रही।

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