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देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में ग्रेटर नोएडा पहले स्थान पर, जानिये अन्य शहरों का हाल

Highlights - सर्दियों के मौसम में एनसीआर की आबोहवा खतरनाक स्तर पर पहुंची - गाजियाबाद और नोएडा भी टॉप टेन में शामिल - लखनऊ और वाराणसी में भी खराब स्तर पर पहुंचा एक्यूआई

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ग्रेटर नोएडा. सर्दियों (Winter) के मौसम में एनसीआर (NCR) की आबोहवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। दिल्ली से सटे नोएडा-ग्रेटर नाेएडा और गाजियाबाद में वायु प्रदूषण बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। हाड़ कंपाने वाली ठंड में जगह-जगह जलाए जा रहे अलाव को भी आबोहवा खराब हाेने के प्रमुख कारकों में से एक माना जा रहा है। यही कारण है कि देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) पहले स्थान पर है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) 418 दर्ज किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है। वहीं गाजियाबाद में एक्यूआई 407 के साथ तीसरे तो नोएडा में 405 के साथ चौथे स्थान पर है।

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बता दें गाजियाबाद में एक्यूआई 407 दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदाबाद में 404 और गुरुग्राम 359 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़ों की मानें तो उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सोमवार को एक्यूआई 344 पर पहुंच गया। सोमवार को वाराणसी में हवा काफी प्रदूषित हो गई। काशी में हवा जहरीली होने से लोगों को सांस लेने में भी काफी दिक्कतें हो रही हैं। बताया जा रहा है कि बढ़ते हुए प्रदुषण का सबसे बड़ा कारण अलाव है। ठंड बढ़ने के साथ ही जगह-जगह अलाव जलाए जा रहे हैं।

राजधानी 16वें नंबर पर

वहीं प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिर्फ 24 घंटे में हवा खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। राजधानी में एक्यूआई 72 प्वाइंट की बढ़त के साथ 350 तक पहुंच चुका है। प्रदूषित शहरों की सूची में लखनऊ 16वें नंबर पर है। बता दें कि पिछले कई दिनों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में एक्यूआई 'बेहद खराब' की श्रेणी में चल रहा है।देश के 108 शहरों में से यूपी के पांच शहरों ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और कानपुर की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है।

आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी

ठंड में लगातार वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगों का सांस लेना भी दूभर हो रहा है। चारों ओर धुंध की मोटी परत छाई हुई है। प्रदूषण की वजह से लोगों की आंखों में जलन के साथ ही सांस लेने में परेशानी हो रही है। चिकित्सकों ने इस मौसम में सांस के मरीजों को घर में ही रहने की सलाह दी है। इसके अलावा बुजुर्ग और बच्चों को सुबह शाम के समय टहलने से परहेज करने के लिए कहा है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर जरूरी काम से घर से बाहर निकलना भी पड़ रही है तो मास्क लगाकर ही बाहर निकलें।

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