
दमिश्कः सीरिया में एक बार फिर सेना और सरकार विरोधी एसडीएफ आमने-सामने हैं। रविवार को विद्रोहियों के हमले के बाद सोमवार को सीरियाई सेना ने होम्स के पास विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले किए। राष्ट्रपति बशर अल-असद ने विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों पर दोबारा से कब्जा करने के लिए सेना को आदेश दिए हैं। इसके बाद पूरे इलाके को सेना ने घेर लिया है। इससे पहले अमरीकी समर्थित विद्रोहियो ने सरकार के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रविवार रात में विद्रोही ग्रुप सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स (एसडीएफ) ने मिसाइलों से हमला किया था।
26 की मौत का दावा
विद्रोहियों का दावा है कि इस हमले में सरकार समर्थित कम से कम 26 सैनिकों की मौत गई है। विद्रोहियों की तरफ से जारी एक बयान में दावा किया गया है कि सरकार की 47वीं ब्रिगेड को निशाना बनाकर हमला किया गया था। जिसमें सरकारी सेना को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन सरकार की तरफ से विद्रोहियों के दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उधर ईरान समर्थित मिलिट्री बेस पर भी हमले की खबर है। दरअसल सीरिया में शिया लेबनीज ग्रुप हिजबुल्ला को इजराइल लगातार निशाना बना रहा है। सीरिया में पिछले महीने ही इजराइल ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे जिसमें करीब सात ईरानी सैनिकों की मौत हो गई थी। इजराइल पहले ही कह चुका है कि वह आगे भी ईरान समर्थित विद्रोहियों और उसके ठिकानों पर हमला करता रहेगा।
अमरीका-रूस के बीच हुआ था तनाव
इससे पहले सीरिया में रासायिनक हमले के बाद रूस और अमरीका आमने-सामने हो गए थे। जवाबी कार्रवाई में फ्रांस, ब्रिटेन और अमरीका ने सरकार समर्थित सीरियाई सेना को निशाना बनाकर हमले किए थे। अमरीकी ने कहा कि आईएस के खिलाफ लड़ाई के लिए वह एसडीएफ का समर्थन करता रहेगा।
Published on:
30 Apr 2018 03:54 pm
