
नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर करार हमला बोला है। रुहानी ने ट्रंप को इशारों-इशारों में दुष्ट तक कह दिया। रुहानी ने कहा कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुए अंतर्राष्ट्रीय समझौते से जुड़ा रहेगा, लेकिन अमेरिका द्वारा समझौते के संभावित उल्लंघन की स्थिति में वह इसका निर्णायक जवाब देगा।
परमाणु कार्यक्रम का पहले भी हुआ उल्लंघन
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, रूहानी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया, "मैं आपके समक्ष ऐलान करना चाहता हूं कि ईरान इस समझौते का उल्लंघन करने वाला पहला देश नहीं होगा लेकिन किसी अन्य देश द्वारा इस समझौते का उल्लंघन किए जाने पर निर्णायक और सख्त प्रतिक्रिया दी जाएगी।"
ट्रंप को बताया दुष्ट आगंतुक
रूहानी ने कहा, "यदि इस समझौते का वैश्विक राजनीति के 'दुष्ट' आगंतुकों द्वारा उल्लंघन किया जाता है, तो यह काफी दयनीय स्थिति होगी।"
ट्रंप ने इरान को भी बताया था दुष्ट
यहां रूहानी ने 'दुष्ट' बोलकर ट्रंप पर निशाना साधा है क्योंकि इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने ईरान को 'दुष्ट' देश और ईरान परमाणु समझौते को 'उलझन भरा' बताया था।
ट्रंप का भाषण सुनने लायक नहीं
रूहानी ने कहा कि ट्रंप का हास्यास्पद और निराधार आरोपों से भरा अज्ञानतापूर्ण, अनर्गल और घृणास्पद भाषण संयुक्त राष्ट्र में सुने जाने लायक भी नहीं है।
ट्रंप को इरान का जवाब
ईरान का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी का स्पष्ट जवाब है, जिसमें अमेरिका ने कहा है कि वह इस समझौते से बाहर निकल सकता है। यह समझौता अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ था। यह समझौता जुलाई 2015 में ईरान और विश्व की छह शक्तियों ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और अमेरिका के बीच हुआ था।
इरानी जनता को ट्रंप के माफी का इंतजार
हसन रूहानी ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके देश के लिए जिन शब्दों को प्रयोग किया है, वो बेबुनियाद और कटु हैं। इरान के लोग ट्रंप के माफी का इंतजार कर रहे हैं।
Published on:
21 Sept 2017 12:17 pm
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