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इजराइल की खुफिया एजेंसी ने खोज निकाली 53 साल बाद ये खास घड़ी, खर्च करने पड़े करोड़ों रूपए

जासूस एली कोहेन की घड़ी को खोजने की जिम्मेदारी इजराइल ने खुफिया एजेंसी मोसाद को दी। मोसाद ने इस घड़ी के लिए लंबे समय तक ऑपरेशन चलाया और कामयाबी हासिल की।

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Eli Cohen

इजराइल की खुफिया एजेंसी ने खोज निकाली 53 साल बाद ये खास घड़ी, खर्च करने पड़े करोड़ों रूपए

जेरूसलम। इजराइल को 53 साल बाद बड़ी सफलता मिली है। खुफिया एजेंसी मोसाद ने 16 साल ऑपरेशन चलाकर अपने जासूस एली कोहेन की घड़ी को हासिल कर लिया है। 1967 में अरब युद्ध से पहले इजरायल को कई महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी देने वाले कोहेन को सीरिया ने साल 1965 में बीच चौराहे पर फांसी दे दी थी। जासूसी के दौरान एली कोहेन की पोल खुल गई थी और इजराइल को झटका देते हुए सीरिया ने उन्हें मौत की सजा देने का फैसला किया था। एली कोहेन की कई खुफिया जानकारी इजराइल के लिए फायदेमंद साबित हुई। इन्हीं जानकारी की बदौलत इजराइल ने 1967 में अरब युद्ध को सिर्फ 7 दिनों में ही जीत लिया था।

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ऐसे मिली कामयाबी
जासूस एली कोहेन की घड़ी को खोजने की जिम्मेदारी सरकार ने खुफिया एजेंसी मोसाद को दी। मोसाद ने इस घड़ी के लिए लंबे समय तक ऑपरेशन चलाया। इस दौरान सर्च अभियान वहां पर चलाया गया जहां पर एली कोहेन को फांसी दे दी गई थी। काफी मशक्कत के बाद मोसाद ने उस घड़ी को ढूढ़ निकाली जिसकी तलाश इजराइल को पिछले 53 साल से थी। इस विशेष अभियान पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी नजर लगातार बनाए हुए थे। इस ऑपरेशन में मोसाद को करोड़ो रुपए भी खर्च करने पड़े। कई लोगों को रिश्वत भी देनी पड़ी।

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कौन था एली कोहेन ?
जासूस एली कोहेन का जन्म मिश्र में हुआ था लेकिन वे इजराइल के लिए जासूसी करते थे। एली कोहेन ने साल 1960-1965 के दौरान सीरिया में रहकर जासूसी की थी। इस दौरान वे 1965 में पकड़े गए। सीरियाई सरकार ने उन्हें फांसी दे दी। इजराइल इस सजा को रोकने का भरसक प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाया।