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यमन: भुखमरी पर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाली बच्ची अमल हुसैन की मौत

यमन में सऊदी हवाई हमलों ने अमल के परिवार को तीन साल पहले पहाड़ों में अपने घर से भागने के लिए मजबूर कर दिया था

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यमन: भुखमरी पर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाली बच्ची अमल हुसैन की मौत

साना। अकाल और भुखमरी पर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाली बच्ची अमल हुसैन की मौत हो गई है। कुछ समय पहले अकाल और भुखमरी से बेहद कमजोर पड़ चुकी इस बच्ची की तस्वीर पूरी दुनिया में वायरल हो गई थी। यमन में सऊदी हवाई हमलों ने अमल के परिवार को तीन साल पहले पहाड़ों में अपने घर से भागने के लिए मजबूर कर दिया था।

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नहीं रही दुनिया को मानवता सिखाने वाली बच्ची

अमल हुसैन का 7 साल की उम्र में निधन हो गया। उसकी बीमार मां ने उसकी मौत के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा,"मेरा दिल टूट गया है। आखिर भूख से लड़ते लड़ते मेरी बच्ची ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। उत्तरी यमन में अस्पताल के बिस्तर पर चुपचाप पड़ी हुई 7 वर्षीय अमल हुसैन की आंखों से छलकते कातर नजरिये ने युद्ध-ग्रस्त यमन की गंभीर परिस्थितियों की तरफ पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था।भूख की वजह से बच्ची इस कदर कमजोर हो गई थी उसके शरीर की एक-एक हड्डियां दिखाई दे रही थी। पिछले हफ्ते द न्यूयॉर्क टाइम्स में खबर प्रकाशित होने के बाद दुनिया भर से इस लड़की के लिए सहायता की पेशकश की गई ।

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यमन में विनाशकारी हालात

गुरुवार को अमल के परिवार ने कहा कि अस्पताल से चार मील की दूरी पर एक शरणार्थी शरणार्थी शिविर में उसकी मृत्यु हो गई थी। बता दें कि यमन में हौथी विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच युद्ध के चलते देश में हालात दिनों दिन बदतर होते जा रहे हैं। जमाल खशोगी की मौत के बाद सऊदी अरब से पश्चिमी देशों का समर्थन घटा है। इसके बाद उस पर यमन की लड़ाई से पीछे हटने का बहुत दवाब है। हाल ही में संयुक्त राज्य अमरीका और ब्रिटेन ने यमन में संघर्ष विराम की मांग की। रक्षा सचिव जिम मैटिस ने पीछे दिनों कहा था कि 30 दिनों के भीतर युद्ध विराम प्रभावी होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यमन में आपातकालीन खाद्यान आपूर्ति पर निर्भरता जल्द ही आठ मिलियन से चौदह मिलियन हो सकती है। यह लगभग आधे यमन की आबादी के बराबर है। खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों में बढ़ोतरी ने लाखों लोगों को भुखमरी के कगार पर धकेल दिया है।