
Saudi coalition's war plane crashes in Yemen
सना। यमन ( Yemen ) में हौती विद्रोहियों ( Houthi Rebellion ) और सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन सेना ( Saudi-led coalition forces ) के बीच लगातार संघर्ष का दौर जारी है। इस बीच यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन से संबंधित एक युद्धक विमान ( War plane ) उत्तरी प्रांत अल-जौफ में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
बीबीसी ने एक प्रमुख सऊदी मीडिया आउटलेट के हवाले से बताया कि गठबंधन के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि यमन की सैन्य इकाइयों के पास एक सपोर्ट मिशन को अंजाम देते हुए एक सऊदी टॉरनेडो फाइटर जेट 'गिर' गया था। जबकि यमन के हौती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार रात विमान को मार गिराया।
इधर संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि सऊदी हवाई हमले में शनिवार को अल-जौफ में 31 नागरिक मारे गए थे। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र की रेसिडेंट कोऑर्डिनेटर के कार्यालय की ओर से एक बयान में कहा गया कि शुरुआती फील्ड रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि हमले में कम से कम 12 अन्य घायल हो गए।
2015 से चल रहा है संघर्ष
बता दें कि साल 2015 से सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन यमन के विद्रोही हौती मूवमेंट से जूझ रहा है। राजधानी साना में हौती द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से बेदखल करने के बाद इसने हस्तक्षेप किया था। हौती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार रात युद्धक विमान को गिराने के लिए जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
सऊदी अरब ने दुर्घटना में किसी भी हताहत का विवरण नहीं दिया है और न ही कारण बताया है। कहा गया कि शनिवार को तलाशी और बचाव अभियान चलाया गया। हो सकता है कि कुछ नागरिकों को अनजाने में मार दिया गया हो।
हौती के अधिकारियों ने कहा कि सऊदी अरब द्वारा किए गए जवाबी हवाई हमलों में हताहत होने वालों में बच्चे भी शामिल रहे, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि उस इलाके में नागरिक निशाना बने, जहां विद्रोही बलों ने विमान को मार गिराया था। उन्होंने कहा कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है।
शनिवार को एक बयान में, यमन में संयुक्त राष्ट्र की रेसिडेंट ह्यूमेनिटैरियनकोऑर्डिनेटर लिस ग्रांडे ने हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'यमन में इतने लोग मारे जा रहे हैं- यह एक त्रासदी है और यह अन्यायपूर्ण है। अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून पार्टियों के तहत, जो नागरिकों का बचाव करने के लिए बल का सहारा लेने के लिए बाध्य हैं, इस संघर्ष में पांच साल हो गए हैं और लड़ाके अभी भी इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल हो रहे हैं। यह चौंकाने वाला है।’
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Updated on:
17 Feb 2020 08:54 am
Published on:
16 Feb 2020 05:48 pm
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