
ट्रेन के टॉयलेट का दरवाजा तोड़ती सीएंडडब्ल्यू स्टाफ की टीम, इनसेट टॉयलेट से बाहर आते ही डरी-सहमी मायरा मां से लिपट गई।
Indian Railway: बीना से कोटा जा रही मेमू ट्रेन के टॉयलेट में एक मासूम बच्ची के फंसने का मामला सामने आया है। लड़की के चीखने चिल्लाने पर यात्रियों को पता चला कि कोई बच्ची टॉयलेट में है। यात्रियों ने इसकी सूचना ट्रेन गार्ड को दी। गार्ड ने मेमू देकर सीएंडडब्ल्यू स्टाफ को बुलवाया और जब गेट नहीं खुला तो गेट तोड़कर बच्ची को टॉयलेट से बाहर निकलवाया। बीना से कोटा जा रही बीना-कोटा मेमू ट्रेन में सवार ये बच्ची मां के साथ गुना जा रही थी।
सुबह 11 बजे बीना से कोटा को जाने वाली गाड़ी संख्या 11604 प्लेटफार्म क्रमांक पांच पर साढ़े दस बजे आकर खड़ी हो गई थी। गुना जाने वाले यात्री ट्रेन में बैठने लगे थे। 10 बजकर 35 मिनट पर ट्रेन में अपनी मां के साथ गुना जा रही 11 साल की मायरा खान टॉयलेट में गई।
मायरा के टॉयलेट में जाते ही टॉयलेट का गेट अचानक लॉक हो गया और मायरा उसमें बंद ही रह गई। उसने आवाज लगाई। तब कोच में सवार यात्रियों को पता चला कि कोई बच्ची टॉयलेट में बंद है। यात्रियों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन टॉयलेट का दरवाजा नहीं खुला। ट्रेन के टॉयलेट में बंद हुई बच्ची बाहर आने के लिए तड़प रही थी। डरी-सहमी 11 साल की मासूम टॉयलेट से बाहर आने के लिए चीख रही थी।घबराए यात्रियों ने ट्रेन गार्ड अमित तिवारी को मामले की जानकारी दी।
ट्रेन गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए यात्रियों को आश्वस्त किया और मेमो भेजकर अधिकारियों को सूचित कर दिया। चूंकि घटना स्टेशन की थी, इसलिए सीएंडडब्ल्यू स्टाफ को बुलाया गया। सीएंडडब्ल्यू स्टाफ ने भी दरवाजा खोला लेकिन जब गेट नहीं खुला तो उन्होंने उसे तोड़ दिया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।
बच्ची के टॉयलेट में बंद होने से घबराई मां ने जब बच्ची को टॉयलेट से बाहर देखा तब उसने राहत की सांस ली। वहीं डरी-सहमी बच्ची अपनी मां से चिपकी रही। इसके बाद 11 बजे बीना-कोटा मेमू ट्रेन को उसके सही समय पर कोटा के लिए रवाना कर दिया गया।
Published on:
06 Aug 2024 01:05 pm
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