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सच्चे प्रेम की अनूठी मिसाल, पति की मृत्यु के चंद मिनटों में पत्नी ने भी दुनिया को अलविदा कहा

True Love Story : परिवार का कहना है कि, 'ये जोड़ा पूरे इलाके में सच्चे प्रेमका प्रतीक माना जाता था। लेकिन, कमाल देखिए जिस तरह जीवन में ये पति - पत्नी एक साथ रहे, दुनिया को अलविदा भी एक साथ ही कह गए।'

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True Love Story

True Love Story :मध्य प्रदेश के गुना में सच्ची प्रेम कहानी से जुड़ा अद्वितीय मामला सामने आया है। इस प्रेम कहानी में दो जानें तो गईं, लेकिन जिस किसी को भी उनके बारे में पता चला उसकी जुबान पर सिर्फ यही था कि ये सच्चे प्रेम की अनूठी मिसाल है। दरअसल, शहर की शुक्ला कॉलोनी में रहने वाले 85 वर्षीय मांगीलाल ओझा और उनकी 80 वर्षीय पत्नी बसंती बाई ओझा ने एक साथ इस दुनिया को अलविदा कहा है। खास बात ये है कि ये दंपति अपने प्रेम और एक दूसरे के प्रति समर्पण के लिए पूरे इलाके में प्रसिद्ध थे। जीवन में उनके एक दूसरे के प्रति प्रेम को देख हर किसी के मुह पर यही बात होती थी कि ये ही वो रिश्ता है जो सात जन्मों के लिए है।

परिवार के साथ साथ आसपास के लोगों के अनुसार, मांगीलाल और बसंती बाई ने अपने जीवन के हर पल को एक-दूसरे के साथ साझा किया। उनका जीवन सादगी से भरा और प्रेम का प्रतीक दिखाई पड़ता था। दोनों ने हमेशा एक-दूसरे का सहारा बनकर जीवन की कठिनाइयों का सामना किया।

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पति की मौत के चंद मिनटों बाद पत्नी ने त्यागे प्राण

घटना के दिन सुबह मांगीलाल ओझा की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्होंने प्राण त्याग दिए। ये खबर बसंती बाई के लिए असहनीय थी। पति के वियोग का दर्द सहन न कर पाने के कारण कुछ ही मिनटों में अचानक उन्होंने भी प्राण त्याग दिए। इस घटना से जहां पूरे परिवार के साथ साथ स्थानीय लोग बेहद दुखी हैं तो वहीं दंपति के बीच एक दूसरे के इस अनूठे प्रेम की चर्चा करने से भी नहीं रुक रहे हैं।

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ये है सच्चे प्रेम की मिसाल

शुक्ला कॉलोनी में रहने वाले लोग इस जोड़े को सच्चे प्रेम और अटूट बंधन का प्रतीक बता रहे हैं। दोनों की अंतिम यात्रा भी एक साथ निकली, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं, दोनों को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन ये जोड़ी सच्चे प्रेम के आदर्श के रूप में हमेशा याद रखी जाएगी। मांगीलाल और बसंती बाई ने साबित कर दिया कि सच्चा प्रेम न केवल जीवन में, बल्कि मृत्यु के क्षण में भी अटूट होता है।