
CYBER FRAUD- ग्वालियर में एआइ ट्रेडिंग के जरिए मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगी।प्रतीकात्मक तस्वीर (source-gemini)
Cyber Fraud- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के जरिए ऑटोमैटिक ट्रेडिंग से शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने निजी कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी से 9 लाख 41 हजार 960 रुपए ठग लिए। ठगों ने पहले उनके ट्रेडिंग अकाउंट में 90 हजार डॉलर का मुनाफा दिखाया। बड़ी रकम स्क्रीन पर देखकर पीड़ित को भरोसा हो गया कि उसका निवेश फायदे में है। इसके बाद जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, जांच और रकम डूबने का डर दिखाकर अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपए जमा करा लिए।
रकम देने के बाद भी जब मुनाफा वापस नहीं मिला तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उसने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उन बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई।
सिकरौदा चौराहा स्थित निजी नर्सिंग कॉलेज में प्रशासनिक अधिकारी आशीष मिटकर (44) की शेयर बाजार में रुचि है। उन्होंने वैल्यू ट्रेड कंपनी में डीमैट अकाउंट खुलवाया था। इसी दौरान अक्षय नाम के व्यक्ति ने कंपनी का प्रतिनिधि बनकर उनसे संपर्क किया। उसने तकनीकी पैटर्न के आधार पर शेयर बाजार में कमाई करने की जानकारी दी और दावा किया कि एआइ के जरिए ऑटोमैटिक ट्रेडिंग करने पर निश्चित मुनाफा कमाया जा सकता है।
आशीष उसकी बातों में आ गए और उसके बताए तरीके से ट्रेडिंग शुरू कर दी। ठग लगातार उन्हें निवेश के फायदे बताते रहे, जिससे उनका भरोसा बढ़ता गया।
आशीष के मुताबिक 25 जुलाई को उनके ट्रेडिंग अकाउंट में 90 हजार डॉलर का मुनाफा दिखाई दिया। इतनी बड़ी रकम देखकर उन्हें विश्वास हो गया कि ट्रेडिंग से वास्तव में अच्छा फायदा हो रहा है। इसके बाद 26 अगस्त को उन्होंने मुनाफे की रकम निकालने के लिए रिक्वेस्ट डाली।
यहीं से ठगों ने रकम निकालने के लिए नया बहाना शुरू कर दिया। अक्षय ने आकाश नाम के एक अन्य व्यक्ति से उनकी बात कराई। आकाश ने कहा कि मुनाफे की रकम निकालने के लिए पहले 9 लाख रुपए जमा करने होंगे।
आशीष ने इतनी बड़ी रकम जमा करने से इनकार किया तो ठगों ने उन्हें झांसा दिया कि वे आधी रकम खुद जमा करेंगे और बाकी रकम उन्हें देनी होगी। इसके साथ ही रकम जमा नहीं करने पर रोज 1.5 प्रतिशत ब्याज देने की धमकी भी दी गई।
मुनाफे की बड़ी रकम डूबने के डर से आशीष ने 26 अगस्त को कंपनी के बैंक खाते में 2 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी ठगों ने अलग-अलग कारण बताकर उनसे और रकम जमा कराई।
28 अगस्त को आशीष ने 4 लाख 41 हजार 260 रुपए और जमा कर दिए। इसके बाद भी जब उनके खाते में दिखाई जा रही मुनाफे की रकम वापस नहीं मिली तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने ठगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन रकम वापस नहीं मिली।
इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब रकम के ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल माध्यमों की भी जांच की जा रही है।
Updated on:
8 Sep 2026, 2:10 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 6:00 PM IST
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