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पत्रिका शक्ति रूपा : एक माँ और पत्नी के साथ स्कूल की प्रिंसिपल की जिम्मेदारी भी बखूभी निभा रही, ऐसे हासिल की सफलता

हर सफल व्यक्ति के पीछे एक औरत का हाथ होता है, पढ़ें सफलता की ऐसी ही कहानी।

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ग्वालियर. एक मां को घर के साथ बाहर की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। वह अपने सभी कार्यों को इतनी दक्षता से करती है कि दूसरे लोग भी तारीफ करते नहीं थकते। कुछ इसी तरह से मैंने भी अपने काम की रूपरेखा बनाई और आज मैं जो कुछ भी कर पा रही हूं, अपने परिवार और पति की वजह से ही संभव हो रहा है। यह कहना है वीनस पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ.अमृता गुप्ता का। उन्होंने बताया कि मैं भोपाल की रहने वाली हूं और वहीं के रीजनल इंस्टीट्यूट से बीए किया था। शादी के बाद मैंने एमए और पीएचडी ग्वालियर से किए। शादी को 18 वर्ष बीत चुके हैं। स्कूल के साथ एमपीसीपी टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स वीणा वादिनी की डायरेक्टर का पदभार भी संभाल रही हूं। बाहर के काम के साथ परिवार की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। आगे मैं प्रदेश स्तर पर अपने काम को करना चाहती हूं। मेरा मानना है कि आप जिस फील्ड में भी जाना चाहते हैं उसकी गहराई से नॉलेज जरूर लेना चाहिए।

ऐसे बनाई अलग पहचान
मां के रूप में...

डॉ.अमृता बताती हैं कि स्कूल के साथ परिवार को भी पूरा समय देना पड़ता है। इसमें मैं कोई कसर नहीं छोड़ती। एक बेटा आदर्श स्टेट लेबल का फेंसिंग प्लेयर है, तो बेटी अवंतिका स्टेट लेबल की चेस्ट प्लेयर है। दोनों बच्चों को पढ़ाने का काम भी मैं ही करती हूं और उनके शिक्षकों से समन्वय भी मैं ही करती हूं। इसके साथ ही सास-ससुर का भी ध्यान रखना पड़ता है।

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पत्नी के रूप में...

मेरे पति डॉ.विवेक गुप्ता सोशल वर्क काफी करते हैं, ऐसे में एकेडमिक पार्ट पूरा देखती हूं। वैसे पति मुझे हर काम में पूरा सहयोग करते हैं। स्कूल के टॉपर बच्चों को विदेश यात्रा का मौका भी देते हैं, उन्हेें स्कूल के खर्च पर ही ले जाया जाता है। यह हम दोनों की ही सोच थी, इससे बच्चों को बाहरी दुनिया देखने का मौका मिलता है।