1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेटी के लिए शुरू किया गया ‘अभियान’ खा रहा धूल, जिला अधिकारी बोले- जारी करेंगे नोटिस

Beti Ki Peti Abhiyan: सरकार की योजना का निजी और शासकीय स्कूल नहीं कर रहे पालन, पत्रिका की पड़ताल में बेटी की सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल, जिला अधिकारी बोले- अगर नहीं किया जा रहा पालन तो, जारी करेंगे नोटिस

3 min read
Google source verification
Beti ki Peti Abhiyan

रक्षा कवच अभियान के तहत पत्रिका की टीम ने स्कूल-कॉलेजों में लगी शिकायत पेटी का लिया जायजा, बदहाल मिली बेटी की पेटी अभियान की व्यवस्था.

Beti Ki Peti Abhiyan: मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूलों व कॉलेजों में पढ़ने वाली बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था व उनकी समस्याओं व सुझाव को लेकर स्कूलों के बाहर बेटी की पेटी अभियान (Beti ki Peti Abhiyan) शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत बेटियां अपनी शिकायत इन पेटियों में डाल दें। उसके बाद उनकी शिकायत पर पुलिस उन पर कार्रवाई कर सके। लेकिन लेकिन विभाग के जिम्मेदारों व स्कूल के प्राचार्यों द्वारा ड्रॉप बॉक्स की देखरेख न किए जाने से अधिकतर विद्यालयों में कहीं शिकायत पेटी लगी ही नहीं है तो जिन स्कूलों में लगी है वह कई महीने से बंद पड़ी हुई है।

साथ ही कई शिकायत पेटी में ताला ही नहीं है और वह खुली पड़ी हुई है तो कुछ शिकायत पेटी में कचरा भरा हुआ है। गुरुवार को पत्रिका टीम ने शहर के निजी और शासकीय विद्यालयों (MP Schools) की पड़ताल की गई तो, यह सच्चाई सामने आई।

पदम्मा स्कूल

पेटी लगी पर लिखा कुछ भी नहीं शहर के सबसे बड़े सीएम राइज शासकीय उमा पदमा विद्यालय में पढऩे वाली छात्राओं की समस्या व सुझाव के लिए दो शिकायत पेटी लगी हुई हैं। इसमें एक पेटी पर कुछ भी नहीं लिखा हुआ है और उसमें ताला लगा हुआ है। जबकि दूसरी शिकायत पेटी स्कूल परिसर में लगाई गई है। जिस पर बेटी की पेटी लिखा है। यह पेटी काफी समय से नहीं खुली है।

जीवाजी राव स्कूल

पेटी लगी पर ताला नहीं शासकीय जीवाजी राव उ मा विद्यालय में पेटी तो लगी हुई है, लेकिन इसमें न तो कोई लिखावट है और न ही पेटी में ताला लगा हुआ है। यहां पूछने पर विद्यार्थियों व स्टाफ ने बताया कि पेटी हमेशा ऐसी ही रहती है उसमें कभी भी ताला नहीं डाला जाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है यदि कोई शिकायत करता है तो उसकी सुनवाई कैसी होती होगी।

गजराराजा

कई महीनों से नहीं खोला ताला शासकीय गजराराजा उ. मा. विद्यालय में प्राचार्य कक्ष के बाहर व आगे जाकर दूसरे कक्ष के बाहर शिकायत व सुझाव पेटी लगी हुई है, लेकिन पेटी पर लगे ताले की कंडिशन को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह पेटी काफी लंबे समय से नहीं खोली गई है। विद्यालय में पढऩे वाली छात्राओं ने बताया कि उन्हें कभी पेटी की जरूरत ही नहीं पड़ी, क्योंकि वह हमेशा बंद ही रहती है।

पेटी पर काफी गंदगी जमा

कॉर्मल कान्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल के बाहर मेन गेट की दीवार के पास लगी शिकायत पेटी पर काफी गंदगी जमा है। यहां पेटी पर ताला तो डला हुआ है, लेकिन ताले की स्थिति को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह लंबे समय से नहीं खोली गई है।


पालन करना भूल गए जिम्मेदार

प्रदेश सरकार ने सभी स्कूलों में छात्राओं की समस्या सुनने व निराकरण के लिए शिकायत पेटी लगाने के लिए कहा गया। इसके बाद राज्य शिक्षा केंद्र और लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी स्कूलों में तेजी से शिकायत व सुझाव पेटी भी लगाई गई। लेकिन बाद में जिम्मेदार ही इसका पालन करना भूल गए और अब यह कम ही नजर आती हैं।

शिकायत पेटी का पालन नहीं किया जा रहा तो, जारी करेंगे नोटिस


एमपी के सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की समस्या व सुझाव के लिए शिकायत एवं सुझाव पेटी (ड्रॉप बॉक्स) लगाई गई है। इसमें छात्राएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। यदि स्कूलों में शिकायत पेटी का पालन नहीं कराया जा रहा है तो संबंधित प्राचार्यों को नोटिस जारी किए जाएंगे।

-अजय कटियार, जिला शिक्षा अधिकारी ग्वालियर

ये भी पढ़ें: अश्लील कंटेंट पर सख्ती, देश की पहली याचिका पर एमपी हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल…

ये भी पढ़ें: 22वीं किस्त से पहले लाडली बहनों को तगड़ा झटका, जानें खाते में कब और कितने आएंगे पैसे