22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में 300 करोड़ खर्च कर बनेंगे 5 प्लांट, शासन को भेजी जाएगी DPR

Clean India Mission: इस प्रोजेक्ट को 2034 में शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जो 2027 तक पूरा हो जाएगा।

2 min read
Google source verification
Clean India Mission

Clean India Mission

Clean India Mission: केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए नगर निगम लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च कर पांच प्लांट मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में लगाएगा। इस प्रोजेक्ट को 2034 में शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जो 2027 तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) अभी तैयार की जा रही है, जो जल्द ही राज्य और फिर केंद्र सरकार को भेजकर वित्तीय स्वीकृति ली जाएगी। नगर निगम यह सभी प्लांट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करेगा।

शासन को भेजी जाएगी डीपीआर

मंगलवार को निगम आयुक्त अमन वैष्णव ने नवीन वेस्ट टू एनर्जी प्लांट,मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर,सेनेटरी लैंडफिल साइट, कचरा ट्रांसफर स्टेशन,सीएनडी वेस्ट प्लांट व कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट को लेकर अधिकारियों व कंसलटेंट एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

इस दौरान उन्होंने सफाई के कार्यों में तेजी लाने के साथ ही शहर में उत्सर्जित हो रहे कचरे के शत प्रतिशत निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत सभी प्लांट बनाने की डीपीआर तैयार कर जल्द ही शासन को भेजने के लिए कहा गया। जिससे शहर को कचरा मुक्त बनाया जा सके। बैठक में उपायुक्त अमर सत्य गुप्ता, राकेश कश्यप, कार्यशाला पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, राजवीर सिंह, सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट शाहिद खान सहित अन्य मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें: मोहन सरकार की बड़ी सौगात ! आ रही नई योजना, अब घर बैठे सबको मिलेगा राशन


नवीन वेस्ट टू एनर्जी प्लांट

केदारपुर लैंडफिल साइट के पास चंदोहाखुर्द में लगभग 78 करोड़ की राशि से 4.5 एकड़ भूमि पर नवीन वेस्ट टू एनर्जी प्लांट यानी बिजली का प्लांट बनाया जाएगा। यह प्लांट 10 मेगाबाइट का होगा। बिजली संयंत्रों में 50 माइक्रोन या उससे कम की पॉलीथिन व सूखे कचरे से तैयार होगी। इससे बनने वाली बिजली से निगम प्लांट का संचालन करने के साथ ही शेष बिजली को विद्युत कंपनी को बेचेगा। यह प्लांट पीपीपी मॉडल पर चलाया जाएगा।

मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर

यह प्लांट भी केदारपुर पर लगभग 8 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इसकी डीपीआर अभी तैयार की जा रही है। प्लांट पर कूड़े को अलग-अलग करके चीजें बनाई जाएंगी और उसे सेलआउट भी किया जाएगा।

सेनेटरी लैंडफिल साइट

यह प्लांट 12 करोड़ की लागत से केदारपुर में बनाया जाएगा। जहां कूडे का निस्तारण किया जाएगा।

कचरा ट्रांसफर स्टेशन

शहर में कचरे का अच्छे से निस्तारण करने के लिए 10 करोड़ की लागत से वीरपुर, झांझर व शताब्दीपुरम में कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा।

सीएनडी वेस्ट प्लांट

सीएनडी वेस्ट प्लांट लगभग 15 करोड़ की लागत में केदारपुर लैंडफिल साइट पर लगाया जाएगा। यह 100 टीपीटी का होगा और सीएनडी वेस्ट से पेवर्स ब्लॉक बनाए जाएंगे।

कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट

कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट ग्राम चन्दोहाखुर्द में लगभग 113 करोड़ में 15 एकड़ भूमि में लगाया जाएगा। यह 300 टीपीटी का होगा और पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा।