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gwalior firing case: दुश्मन को फंसाने जेल से डीलिंग, 2 लाख रुपए में खुद को गोली मारी

Gwalior firing case: ग्वालियर शहर के तानसेन नगर में वारदात का खाका खींचा, भिंड के बदमाश के साथ की थी डील, मछली मंडी में दुश्मनों की पहचान कराई, जानें एमपी पुलिस ने कैसे खोला रियल लाइफ में इस फिल्मी कहानी का राज
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ग्वालियर

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Sanjana Kumar

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Updated: 16 Jul 2024, 9:45 AM IST

Gwalior firing

फिल्मी अंदाज में जेल में रची दुश्मन को फंसाने की साजिश, खुद ही फंस गया आरोपी।

Gwalior Firing Case: हत्या के प्रयास केस में फरियादी राजीनामे को राजी नहीं हुआ तो गुंडे ने जेल के अंदर से उसे फंसाने की साजिश रची। भिंड के बदमाश से 2 लाख रुपए में डील की वह खुद को गोली मारेगा और दुश्मनों के नाम हमला करने में बताएगा। ठेका लेकर बदमाश ने अपने पेट में गोली तो मारी, लेकिन फुलप्रूफ कहानी नहीं बना पाए। उनकी चाल पुलिस भांप गई। घटना की कड़ियां जोड़ी तो राज खुल गया।

ये है पूरा मामला

9 जुलाई की रात 11 बजे जॉनी बाथम निवासी ग्वालियर के भिंड ने पुलिस को फोन कर बताया था दोस्त मनीष उर्फ एटीएम बाथम निवासी मिहोना (भिंड) को दो लोग पेट में गोली मार गए हैं। मनीष की हालत गंभीर है उसे वह जेएएच ले जा रहा है। दो दिन बाद हालत सुधरने पर मनीष ने बताया रोहन और उसका पिता मुकेश प्रजापति बाइक एमपी 07 एमव्ही 1932 से आए थे। उसे गोली मारकर भाग गए।

फरियादी बोला जेल से मिली धमकियां

पुलिस ने बताया फायरिंग में रोहन और मुकेश को ढूंढा। दोनों घर पर मिले। दोनों ने बताया 9 जुलाई की रात को तो घर से बाहर भी नहीं निकले थे। पूछताछ में मुकेश ने बताया कुछ समय पहले कोटेश्वर निवासी लाखन राठौर से पैसों के लेनदेन पर झगड़ा हुआ था। लाखन ने उन पर गोली चलाई थी।

फिलहाल लाखन जेल में बंद है। वह राजीनामा करना चाहता है। इसलिए उन्हें गवाही नहीं देने के लिए धमकाता है। उसके भाई नारायण ने कोर्ट में मुंह खोलने पर हत्या और झूठे केस में फंसाने की धमकियां जरुर दी हैं।

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ऐसे खुला राज

पुलिस (MP Police) ने बताया मनीष को दोस्त जॉनी बाथम जेएएच ले गया था। उसे बुलाया तो जॉनी भूमिगत हो गया। तब मनीष को रडार पर लिया तो उसने खुलासा किया लाखन राठौर से दोस्ती है। लाखन हत्या के प्रयास केस में राजीनामा चाहता है। मुकेश प्रजापति उसकी बात नहीं मान रहा है। इसलिए लाखन ने उसे बुलाया कर दो लाख रुपए में मुकेश को भी हत्या के प्रयास केस में फंसाने का ठेका दिया।

किसकी क्या भूमिका

साजिश का खाका नारायण राठौर ने खींचा। इसलिए तानसेन नगर में मीटिंग की। तमंचे और गोली का इंतजाम प्रदीप राठौर (हरनाथ का पुरा भिंड) ने किया। गोली इशू उर्फ इशान पांडेय (ग्वालियर) ने मारी। जॉनी को गवाही में रखा। ईशान से पैर में गोली मारने को कहा था, लेकिन वारदात को गंभीर दिखाने के लिए उसने पेट में गोली मार दी।

मास्टरमाइंड समेत 5 शामिल

पेट में गोली मारकर दुश्मन को फंसाने की वारदात का राज खुल गया है। इसमें जेल में बंद बदमाश उसके भाई समेत कुल पांच लोग शामिल थे। सभी पर केस दर्ज किया है। इसमें घायल बदमाश को गिरफ्तार किया है। बाकी को तलाशा जा रहा है।
-षियाज केएम, एएसपी

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