
ग्वालियर। वर्ष 2016 में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले प्रदेश के पहले पर्वतारोही ग्वालियर निवासी भगवान सिंह ने एक और नया कारनामा कर दिया है। उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची सड़क (19024 फीट ) उमलिंगला (Umling La road) की चढ़ाई को साइकिल से मात्र चार दिन में पूरा कर लिया है। यह सड़क माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप से ऊपर है। यहां तक अब तक भगवान सिंह के अलावा दो अन्य प्रतिभागी पहुंच सके हैं, जिसमें मप्र से भगवान पहले हैं।
चढ़ाई पूरी कर लौटे भगवान सिंह (Mountaineer) ने पत्रिका को बताया, माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद उमलिंगला को फतह करने का सपना था। उन्होंने बताया, 19 सितंबर को लेह से शुरुआत की और 21 सितंबर को उमलिंगला पर तिरंगा झंडा फहराया।
35 किमी का सफर बेहद जोखिम भरा रहा
भगवान सिंह (bhagwan singh) ने बताया, हेनले से 35 किलोमीटर का रास्ता बेहद ही जोखिमभरा था। यहां रास्ता नहीं था, बल्कि मिट्टी, रेत और पत्थर पड़े हुए थे। इस रास्ते में 10 किमी की सीधी चढ़ाई और करीब 15 किमी ढलान था। यहां साइकिल चलाना और पैदल चलना बेहद मुश्किल था। इस रास्ते को तय करने में 3 तीन घंटे का समय लग गया।
एक दिन में 138 किलोमीटर तक चलाई साइकिल
उन्होंने बताया, पहले दिन 48 किलोमीटर, दूसरे दिन 90 किलोमीटर, तीसरे दिन 138 किलोमीटर और चौथे दिन 90 किलोमीटर की यात्रा को पूरा किया। चढ़ाई को साइकिल से पूरा किया। इस दौरान काफी परेशानी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ा। इससे पहले वह साइकिल से खारडुगला की चढ़ाई वर्ष 2017, 18 और 19 में लगातार तीन बार पूरी कर चुके हैं।
सपना था जो पूरा हो गया
भगवान सिंह ने बताया, माउंट एवरेस्ट को फतह करने के बाद कुछ अलग करने का सपना था। उमलिंगला में अभी तक मप्र से कोई प्रतिभागी नहीं गया था, इसलिए इसे फतह करने की तैयारी की।
Updated on:
26 Sept 2022 12:12 pm
Published on:
26 Sept 2022 12:10 pm
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