
Pharma Company : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां विदेशी 'बंटी-बबली' ने मिलकर एक फार्मा व्यापारी से 49 लाख रूपए ठग लिए। ग्वालियर पुलिस ने कड़ी महनत के बाद दोनों आरोपियों को दिल्ली के वसंत कुंज में गिरफ्तार किया। इनमे से एक तंजानिया देश का रहने वाला है और दूसरी आरोपी महिला उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली है।
दरअसल, कुछ समय पहले फार्मा व्यापारी विजय शर्मा को एक कॉल आया था। सामने से एक महिला ने उनसे बात की जिसने उन्हें कहा कि वह ब्रिटेन की एक फार्मा कंपनी में काम करती है। महिला ने विजय को लालच दिया की उसकी कंपनी मोटापे से जुड़ी हर्बल दवाइयां बनाती है और अगर वह भारत से मटेरियल भेजेंगे तो वह उन्हें 20 प्रतिशत कमीशन देंगे। कमीशन मिलने की बात सुनकर विजय ने हामी भर दी। इसके बाद महिला ने उसे आंध्र प्रदेश कि रंगारेड्डी फर्म से सैंपल खरीदने का सुझाव भी दिया। विजय ने रंगारेड्डी से 8 लाख रुपये का सैंपल खरीदा।
सैंपल लेकर विजय को दिल्ली बुलाया गया जहां वह ल्यूक एडवर्ड्स से मिला। ल्यूक ने उसे कहा कि कंपनी के अप्रूवल के लिए उसे और सैंपल लाकर देने होंगे। विजय एक-एक कर 49 लाख के सैंपल ब्रटिश कंपनी को दे चुके थे लेकिन कंपनी की डिमांड खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी। विजय को इस कंपनी पर शक हुआ तो उसने गूगल पर सैंपल देने वाली और सैंपल लेने वाली कंपनी को गूगल में सर्च किया। सर्च करने पर उसे पता चला कि दोनों ही कंपनियां फ़र्ज़ी है और उसके साथ बड़ी ठगी हो गई है। विजय ने जल्द इसकी शिकायत ग्वालियर क्राइम ब्रांच में की।
विजय की शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने प्रारंभिक जांच शुरू की जिसमे पता चला कि सैंपल खरीदकर भेजी गई रकम का लिंक 15 खातों में मिला है। यह खाते दिल्ली के थे जिन्हे पुलिस ने वसंत कुंज में ट्रेस किया था। पुलिस ने वसंत कुंज के एक घर में छापेमारी की जिसमे उन्होंने दो लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें से एक तंजानिया नेशनल टोरी आबे था और दूसरी महिला आरोपी का नाम वीनस रावत था जो यूपी के मेरठ कि रहने वाली थी। पुलिस को छापेमारी में लैपटॉप, पांच मोबाइल, कई सिम कार्ड और कुछ नकदी भी मिली। फिलहाल, क्राइम ब्रांच की पूछताछ जारी है।
Published on:
21 Oct 2024 06:05 pm
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