
Gwalior water problem
Gwalior water problem. तिघरा में घटते जल स्तर को देखते हुए जलसंसाधन विभाग ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर एक जुलाई से शहर में दो दिन छोड़कर पानी सप्लाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पीएचई अफसरों ने जलापूर्ति का शेड्यूल बनाना शुरू कर दिया है।
नगर निगम अभी शहर में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई कर रहा है। तिघरा में वर्तमान में सिर्फ 31 जुलाई तक का पानी है और यदि मानसून विलंब में आता है तो शहर में जलसंकट और अधिक गहरा सकता है। क्योंकि शहर की लाइफ लाइन कहीं जाने वाला तिघरा जलाशय 84 प्रतिशत तक खाली है। यदि शहर में दो दिन छोड़कर पानी दिया जाएगा तो शहर में 15 अगस्त तक पानी की सप्लाई हो सकेगी।
वहीं शहर में बढ़ते जलसंकट को देखते हुए ककैटो-पेहसारी से पानी लिफ्ट करने की अनुमति अब तक नहीं मिलने को लेकर आयुक्त हर्ष ङ्क्षसह सोमवार को भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं। वह भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर शहर में जलसंकट को देखते हुए पानी लिफ्ट करने के लिए भेजे गए पत्र राशि को स्वीकृत कराने का प्रयास करेंगे। अनुमति मिलने पर ही टेंडर प्रक्रिया होगी।
नगर निगम आयुक्त हर्ष ङ्क्षसह ने सोमवार को तिघरा से मोतीझील तक पेयजल परिवहन लाइन का निरीक्षण के लिए टीम गठित कर दी है। जारी आदेश में मोतीझील प्रभारी सहायक यंत्री हेमंत शर्मा,महेंश चंद्र यादव, महेश कुमार मगरैया, प्रभारी उपयंत्री देवराज बिसारिया व एके भटनागर प्रोजेक्ट मैनेजर कंक्रीट उद्योग झांसी को शामिल किया गया है। सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ क्षेत्रीय स्टाफ के साथ 10 से 14 जून तक तिघरा से मोतीझील तक पेयजल परिवहन के सभी पाइप लाइनों का प्रतिदिन 2 किमी तक निरीक्षण कर वीडियोग्राफी करेंगे और अपने फोटो के साथ जीपीएस लोकेशन के साथ साइन करें हुए पत्र देंगे। साथ ही संपूर्ण निरीक्षण के बाद निरीक्षण का एक प्रतिवेदन के साथ आयुक्त को देंगे।
तिघरा में कम पानी को देखते हुए जलसंसाधन विभाग द्वारा हमें शहर में दो दिन छोड़कर पानी सप्लाई के लिए पत्र भेजा गया है। यह पत्र मिल गया है। अभी में पानी लिफ्ट कराने की अनुमति लेने सहित अन्य कार्य से भोपाल आया हूं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारी से चर्चा करूंगा।
हर्ष ङ्क्षसह आयुक्त नगर निगम
तिघरा में दिनोंदिन पानी घटता जा रहा है। इसे देखते हुए हमारे ईई ने निगमायुक्त को पत्र लिखा है, जिसमें एक जुलाई से दो दिन छोड़कर शहर में पानी सप्लाई के लिए कहा गया है। यह पत्र सोमवार को निगम को मिल चुका है।
राजेश चतुर्वेदी, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग
Updated on:
11 Jun 2024 07:51 pm
Published on:
11 Jun 2024 07:09 pm
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