
ग्वालियर। श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला की शुभारंभ तारीख २५ दिसंबर घोषित जिसमें २३ दिन शेष बचे हैं। मेले की अब तक सड़कें तक नहीं सुधरी हैं। सीवर लाइन का प्रोजेक्ट अधूरा है। छतरियों में व्यापारियों को स्नान करने के लिए बनाए जाने वाले चबूतरे अधर में हैं। अधूरी तैयारियों के साथ मेला सजने को तैयार है।
मेले में कुछ दुकानदार दुकानों को अंतिम रूप दे रहे हैं। यहां हर साल दो हजार व्यापारी आते हैं। वहीं, मेला प्राधिकरण व्यापारियों को दुकानें तो आवंटित करता जा रहा है, पर व्यवस्थाओं में सुधार करने में सुस्ती अपनाए है। बाल रेल का एरिया भैंसों का तबेला बना हुआ है। यहां रेल ट्रैक से भैंसें बंधी हैं। अव्यवस्थाओं के सवाल पर अधिकारी कह रहे हैं कि मेला लगने में देरी है। व्यापारी ३० दिसंबर से ५ जनवरी तक ही दुकानें सजाते हैं। जल्दबाजी नहीं है।
तीस लाख का ठेका
मेला में सीवर लाइन, दुकानों की पुताई और बीस दुकानों को सुधारने, कुसमाकर रंगमंच को ठीक करने आदि कामों पर तीस लाख का टेंडर है। टेंडर का काम पूरा नहीं हो सका है। जब मेले में दुकानें लगा जाएंगी ऊंची पहुंच वाले ठेकेदार बिना काम के ही टेंडर की राशि स्वीकृत करा लेंगे।
कुछ दुकानें लग चुकीं
अब तक 70 से 80 दुकानें लग चुकी हैं। उज्जैन के कार्तिक मेला के बाद १० दिसंबर से वहां के व्यापारियों आना शुरू हो जाएंगे। कंपनी शोरूम लगना शुरू हो गए हैं।
ये हैं खामियां
सीवर की खुदाई के बाद सड़क पर लगे मिट्टी के ढेर नहीं हटाए जा सके।
सड़कें टूटी पड़ी, डामरीकरण की अब तक सुध नहीं, शौचालयों की स्थिति खराब।
आए हुए व्यापारियों को पीने का पानी और स्नानागार की समस्या बनी है।
कई दुकानों की छतें चटकी हुई हैं। प्लास्टर उखड़ा हुआ है। टीन शेड टूटा हुआ था।
गार्डन फैला रहा प्रदूषण
मेला परिसर में नौ गार्डन बनाए जा चुके हैं। शादी के दौरान इन गार्डनों का वेस्टेज मेला मैदान में फेंका जा रहा है। इससे मेला परिसर प्रदूषित हो रहा है। पत्रिका टीम ने शादी समारोह के बाद का वेस्टेज मेला मैदान में फेंके जाने और उसमें आग लगाकर प्रदूषण फैलाए जाने की तस्वीर भी कैद की है।
पहली बार लग रहा चारधाम तीर्थ दर्शन
व्यापार मेला में पहली बार चारधाम तीर्थ दर्शन यात्रा का लाभ सैलानी उठा सकेंगे। 10 हजार वर्ग फीट में चारधाम तीर्थ दर्शन को लगाया जा रहा है। यह काम करीब 30 फीसदी हो चुका है। मेला प्रारंभ होने से पहले पूरी तरह तैयार हो जाएगा। सैलानियों को एक साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग, वैष्णोदेवी, गंगोत्री, यमनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित अन्य देवी देवताओं के दर्शन होंगे। मेला में अब तक तीन झूले लगाए जा चुके हैं। झूला सेक्टर में बाल रेल, नाव व रिंग झूला को लगाने अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मेला लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। व्यापारी 30 दिसंबर के बाद ही आते हैं। इसलिए देरी से मेला शुरू हो पाता है।
शैलेंद्र मिश्रा, सचिव, व्यापार मेला प्राधिकरण
Published on:
02 Dec 2017 10:31 am
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