
फोटो सोर्स: पत्रिका
Monsoon Update: मानसून सीजन अब ढलान पर आ गया है। मौसम विभाग के 17 जून से 15 सितंबर के बीच 12 भारी बारिश, 30 हल्की व मध्यम बारिश के अलर्ट आए। इन अलर्ट में 75 फीसदी सही निकले। इस बार बारिश ने अटूट रिकॉर्ड बनाया है। पिछले 100 साल में ग्वालियर में 1390.4 मिलीमीटर बारिश नहीं हुई है।
अब लौटते हुए मानसून से एक बार और बारिश की उम्मीद है। यह बारिश 20 से 30 सिंतबर के बीच हो सकती है। मानसून विदाई तक शहर को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। अक्टूबर में ठंडक की शुरूआत होगी। रात के तापमान में गिरावट आएगी।
वैसे 1 जून से मानसून सीजन की शुरुआत होती है, लेकिन 17 जून को अंचल में मानसून ने दस्तक दे दी थी। इसके बाद से बिना ब्रेक के बारिश हुई। जुलाई में बारिश ने 1935 का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। जुलाई की बारिश से बांध, तालाब व अन्य जल स्रोत भर गए। इससे भूमिगत जल स्तर में सुधार हुआ। जिले की कुछ जगहों पर ऐसी स्थिति बन गई कि जमीन से स्वत: ही पानी निकलने लगा है।
शीतला माता मंदिर के हैंडपंपों पर प्रेशर में पानी निकल रहा है। कमोबेश ग्रामीण क्षेत्र में भी ऐसी स्थिति रही। कुएं 1 से दो फीट ही खाली हैं। मानसून सीजन के 13 दिन शेष बचे हैं। सीजन 30 सितंबर को खत्म हो जाएगा। सर्दी के सीजन की शुरुआत होगी।
मानसून वापसी रेखा आगे बढ़ी है। राजस्थान, हरियाणा व पंजाब के भटिंडा से मानसून की वापसी हो गई है। प्रदेश की बात की जाए तो अभी बारिश की संभावना बनी हुई है।- अरुण शर्मा मौसम वैज्ञानिक भोपाल
-मानसून विदाई का समय आने पर बंगाल की खाड़ी से नमी आना बंद हो जाती है। दिन व रात में आसमान साफ हो जाता है।
-दिन में धूप तेज रहती है, सूर्य अस्त के बाद मौसम में ठंडक आना शुरू हो जाती है। उमस नहीं होती है। दिन व रात में जो उमस हो रही थी, उससे राहत मिलती है।
-हवा का रुख उत्तर-पश्चिम दिशा से हो जाता है। मानसून ट्रफ लाइन भी नहीं बनती है।
-दक्षिण पूर्वी हवा शांत हो जाती है। रात का तापमान धीरे-धीरे नीचे आना शुरू हो जाता है।
-वर्तमान में ऐसी स्थिति नहीं बनी है। दिन व रात में उमस हो रही है। न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ और अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
Published on:
17 Sept 2025 10:45 am
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