
हनीट्रैप या देशविरोधी गतिविधियों में फंसने से ऐसे बचेंगे जवान, हाईकोर्ट ने BSF को दी सलाह
ग्वालियर/ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवान सोनू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान जस्टिस आनंद पाठक ने बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल को सलाह दी कि जवानों को हनीट्रैप या देशविरोधी गतिविधियों से बचाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करें। जस्टिस पाठक द्वारा इस लिखित आदेश की प्रति बीएसएफ के डीजी को भेजी ताकि वो इस समस्या को समझते हुए खासतौर पर संवेदनशील स्थानों पर पदस्थ जवानों की सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा बढ़ती सक्रियता को कम करने और उससे सेना को होने वाल नुकसानों के बारे में अवगत कराते हुए जागरुकता बढ़ाने की बात कही।
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BSF जवान की जमानत याचिका पर सुनवाई
आपको बता दें कि, बीएसएफ जवान सोनू यादव के खिलाफ महिला द्वारा कोर्ट में दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस थाना थाटीपुर द्वार सोनू यादव के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया और 27 नवंबर 2019 को उनकी गिरफ्तारी कर ली। इस संबंध में आरोपी ने रिहाई के लिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इस दौरान आरोपी के वकील द्वारा कोर्ट को बताया गया कि, शिकायतकर्ता महिला और आरोपी की आपस में मित्रता थी। उनकी ये दोस्ती फेसबुक पर हुई थी। यहीं दोनों बातचीत के दौरान एक दूसरे के नजदीक आए। हालांकि, बातचीत के दौरान दोनों ने ही एक दूसरे ये बात छुपा रखी थी कि, दोनो शादीशुदा हैं।
कोर्ट ने लिया फैसला
इसके बाद जब दोनों एक दूसरे से मिले और उनके बीच संबंध बन गए तो महिला ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामला यहां बिगड़ा की महिला को पता चला कि, आरोपी शादीशुदा है। हालांकि, महिला खुद भी शादीशुदा थी और महिला के पति ने मानसिक क्रूरता के आधार पर उससे तलाक याचिका पहले से ही कोर्ट में लगा रखी थी। कोर्ट द्वारा संपूर्ण माला समझने के बाद ये फैसला लिया कि, आरोपी को इस घटना से सबक मिल गया है। भविष्य में वो किसी से भी बातचीत के लिए फेसबुक का इस्तेमाल नहीं करेंगे। साथ ही, बीएसएफ डीजी को भी सोनू का उदाहरण देते हुए अन्य जवानों की सोशलमीडिया पर सक्रीयता पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
Published on:
19 Jan 2020 01:30 pm
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