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पटरी किनारे झाड़ियों में पड़े थे सैकड़ों आधार कार्ड, कहीं इनका दुरुपयोग तो नहीं हुआ ?

लोगों में चर्चा इस बात की चल रही है कि, या तो कोई इन आधार क्रार्डों को लापरवाही पूर्वक फेंक गया है या फिर इनका दुरुपयोग हुआ है।

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,,पटरी किनारे झाड़ियों में पड़े थे सैकड़ों आधार कार्ड, कहीं इनका दुरुपयोग तो नहीं हुआ ?

ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के अंतर्गत आने वाले बिरला नगर में बुधवाश शाम क उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां रेलवे स्टेशन और कांचमिल सीमेंट फैक्ट्री के बीच लोगों ने झाड़ियों में बड़ी संख्या में आधार कार्ड पड़े देखे। लोगों में चर्चा इस बात की चल रही है कि, या तो कोई इन आधार क्रार्डों को लापरवाही पूर्वक फेंक गया है या फिर इनका दुरुपयोग हुआ है। फिलहाल, इसका स्पष्ट खुलासा तो जांच के बाद ही ही सकेगा, लेकिन ये तो स्पष्ट है कि, जिस तरह यहेआधार कार्ड पड़े मिले हैं, वो ये बताने के लिए काफी हैं कि, लोगों की निजता कितनी सुरक्षित है।

इतने संवेदनशील दस्तावेज इस तरह पड़े मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। उधर स्थानीय लोगों ने आधार कार्ड में अंकित मोबाइल नंबर पर कॉल कर संबंधित लोगों को सूचना देकर बताया कि, आपका आधार कार्ड इस तरह झाड़ियों में पड़ा है। सूचना मिलते ही कई लोग मौके पर पहुंचे भी और अपना आधार कार्ड लेकर चले गए। वहीं देर शाम मामले की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि, पता लगाया जा रहा है कि, आखिर इतनी संख्या में आधार कार्ड यहां फैंककर कौन गया है ? और इसका इस्तेमाल क्या हुआ है ?

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'इतने सारे आधार कार्ड मिलना जांच का विषय'

मामले में सीएसपी रवि भदौरिया ने कहा कि पूरा मामला क्या है, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। उधर ई-गवर्नेंस के प्रबंधक आशीष जैन के अनुसार, इस तरह आधार कार्ड मिलना चिंता की बात है। पूरा मामला क्या है यह पता कराया जा रहा है। वैसे इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड पोस्ट ऑफिस से ही निकल सकते हैं, क्योंकि बनने के बाद आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी पोस्ट ऑफिस आती है। यहां से ये कॉपी संबंधित व्यक्ति को भेजी जाती है।


आधार कार्ड तो मेरेे पास है, फिर वहां कैसे पहुंच गया ?

शहर के हजीरा इलाके में रहने वाले रोहित मालवीय को भी स्थानीय लोगों द्वारा फोन पर आधार कार्ड के संबंध में सूचित किया। जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे रोहित ने बताया कि, ये उनकी बेटी का आधार कार्ड है। लेकिन, इसका ओरिजनल आदार कार्ड तो उन्हीं के पास है। उन्होंने इसमें किसी भी तरह का सुधार भी नहीं करवाया। अगर करवाया होता तो फिर दूसरा कार्ड आता। ये तो हू ब हू वैसा ही है, जैसा उनके पास रखा है। ऐसे में ये कार्ड कहां से आ गया, ये संदेहास्पद है। उन्होंने बच्ची के आधार कार्ड का दुरुपयोग होने की आशंका जताई है।