
यंग और सेहतमंद हैं तब भी बढ़ता है हॉर्ट अटैक का खतरा, आज ही इन चीजों से कर लें तौबा
ग्वालियर. हमारी जीवनशैली ऐसी है, कि अकसर लोग सुबह से ही बाजार का खाना शुरू कर देते हैं, अधितकर लोग नाश्ते में जंक फूड खाते हैं और तो और स्वाद के लिए प्रयोग करकेे पोहा जैसे हैल्दी नाश्ते में भी तमाम तरह के मसाले आदि मिलाकर अन हेल्दी बना दिया है। अगर ह्रदय रोग से बचना है और दिल को स्वस्थ बनाए रखना है तो कोशिश यह करनी चाहिए कि, खाने में हरी सब्जियां और फलों को जरूर शामिल किया जाए। जबकि तेल और अन्य तरह की चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों की मात्रा कम से कम हो। यह ध्यान रखना जरूरी है कि भले ही आप यंग हैं, स्वस्थ दिख रहे हैं लेकिन अगर जीवनशैली अगर अव्यवस्थित है तो भी हार्ट अटैक का खतरा का हो सकता है।
यह सलाह हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक सिंह भदौरिया ने वीडियो कॉलिंग के जरिए लोगों से बात करते हुए दी। उन्होंने करीब तीन घंटे की बातचीत के दौरान 25 वर्ष के युवाओं से लेकर 75 वर्ष के बुजुर्गों तक के 30 से अधिक लोगों के सवालों के जवाब दिए और शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया।
मरीजों की ऑनलाइन काउंसिलिंग
कोविड संक्रमण से बचाव और बढ़ती सर्दी के बीच हार्ट अटैक से बचाव के लिए रविवार को स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर से शहर के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ प्रतीक सिंह भदौरिया ने मरीजों की ऑनलाइन काउंसलिंग की। इस दौरान लोगों ने वीडियो कॉल करके डॉ भदौरिया से बात की। बातचीत के दौरान अधिकतर लोगों ने सीने में दर्द को लेकर अपनी शंका बताई।
चिकित्सक ने यहां के मरीजों को दी समझाइश
डॉ भदौरिया ने सभी से धूम्रपान, ब्लड प्रेशर और शुगर के बारे में जानकारी ली। इसके बाद जरूरी परामर्श दिया। सभी को जीवनशैली में बदलाव लाने की समझाइश भी दी। इसके साथ ही यह भी कहा कि 40 वर्ष या इससे अधिक उम्र होने के बाद अगर ह्रदय में किसी भी तरह की दिक्कत है तो विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श जरूरी है। करीब तीन घंटे तक जारी रही काउंसलिंग के बीच डॉ भदौरिया से डबरा, शिवपुरी, दिल्ली, ग्वालियर, मुरैना के मरीजों ने बात की।
समय पर परामर्श जरूरी- डॉ. भदौरिया
डॉ. भदौरिया ने सभी से कहा कि, सही समय पर जांच और उचित परामर्श हृदय रोग के उपचार में सबसे जरूरी है। अगर समय पर परामर्श ले लिया जाए तो अधिकांश युवाओं में स्टंट व ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ती। अगर ह्रदय रोग से बचना है तो जरा सी भी शंका होने पर जांच जरूर कराएं और जीवनशैली में उचित बदलाव लाएं।
यह दी सलाह
-युवाओं में ह्रदय रोग होने का एक प्रमुख कारण धूम्रपान भी हैं, इससे बचें।
इस तरह हुई बातचीत
-दिल्ली से 28 वर्षीय प्रदीप ने डॉक्टर को बताया कि, 25 वर्ष में उनको हार्ट अटैक आया था और स्टंट डाला गया था। डॉ भदौरिया ने कॉलर को दवाएं नियमित रूप से जारी रखने और रक्तचाप एवं कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करने की सलाह दी।
-ग्वालियर निवासी 40 वर्षीय नितिन ने बताया कि जिम में कसरत करते समय उनको कुछ अनईजी फीलिंग हुई। इसके बाद जब चेकअप कराया तो ह्रदय की मुख्य धमनी में 95 प्रतिशत ब्लॉकेज निकले। इसके बाद तीन महीने तक दवाएं खाईं और बिना ऑपरेशन के रिकवरी हो गई। इसके जवाब में डॉ भदौरिया ने बताया कि सही समय पर उपचार हो जाए तो बिना स्टंट के भी रिकवरी हो सकती है।
-मुरार निवासी 30 वर्षीय शिक्षक दीपेन्द्र ने कॉल करके बतााया कि उनकी सेहत बेहतर है, स्वास्थ्य को लेकर भी सजग रहते हैं, इसके बाद भी कुछ समय पहले ह्रदयाघात हुआ था। चेकअप में ह्रदय की मुख्य धमनी में 90 प्रतिशत ब्लॉकेज निकले। समय पर उपचार की वजह से स्टंट की जरूरत नहीं पड़ी। अब क्या-क्या सावधानियां अपनाई जानी चाहिए। इसके जवाब में डॉ ने बताया कि दिनचर्या को नियमित बनाए रखें और अगर दोबारा कभी भी दिक्कत हो तो बिना समय गंवाए डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
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Published on:
24 Jan 2022 12:21 am
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