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ग्वालियर में बिकने वाले दूध पर हुआ ये बड़ा खुलासा, जानिए क्या है वह राज

दूध की जोरदार आवक : कई वर्षों बाद बने हालात...शहर में दो लाख लीटर दूध बच रहा रोज, फिर भी डेयरी संचालक कम नहीं कर रहे दाम

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ग्वालियर। शहर की दूध डेयरियों पर इन दिनों दूध की जोरदार आवक होने के कारण रोजाना दो लाख लीटर से अधिक दूध बच रहा है। भरपूर आवक होने के बाद भी दूध डेयरी संचालक दामों में कमी नहीं कर रहे हैं। उपनगर ग्वालियर में कुछ समय पूर्व दूध के भावों में 2 रुपए लीटर की कमी की गई थी। कुछ दूध कारोबारियों का तो ये तक कहना है कि जिस तरह से दूध की आवक हो रही है और ऐसी मंदी वर्षों बाद देखने को मिल रही है।


और बुरे हालात होंगे

जानकारों का कहना है कि सहालग चल रहेे हैं और इस दौरान दूध और दूध से बनेे उत्पादों की पूछ-परख बनी रहती है पर कुछ दिनों के बाद सहालग भी समाप्त हो जाएंंगे, ऐसे में बचने वालेे दूध की मात्रा 2 लाख लीटर से अधिक हो जाएगी।

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* दूधियों को कम दाम कुछ दिनों पूर्व

* शहर में दूध डेयरियों की संख्या करीब 500

* 6-7 लाख लीटरवर्तमान में आवक प्रतिदिन

* 4-5 लाख लीटरआम दिन में आवक प्रतिदिन

* लश्कर और उपनगर ग्वालियर में दूध के दाम 42 रुपए लीटर

* मुरार में दूध के दाम 40 रुपए लीटर

दूधियों को कम दाम
कुछ दिनों पूर्व तक आवक डेयरियों पर कम थी। इन दिनों यह 7 लाख लीटर पार कर गई है। ऐसे में डेयरियों पर दूध बच रहा है। जहां आम उपभोक्ता को दूध वही दामों में मिल रहा है वहीं कुछ दूध डेयरी संचालकों ने दूध उत्पादकों (दूधियों) से दूध कम दामों पर लेना शुरू कर दिया है।

घाटे में दुकानदार
इन दिनों दूध की भरपूर आवक हो रही है, फिलहाल दाम कम करने के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि दुकानदार पहले से ही घाटे में चल रहे हैं। दाम कम करने पर और नुकसान उठाना पड़ेगा।
नरेन्द्र मांडिल, राष्ट्रीय महासचिव, संपूर्ण डेयरी व्यवसायी संघ


40 साल में नहीं देखा ऐसा
मेरे जीवन के 40 सालों में मैंने इस तरह दूध की आवक नहीं देखी। आवक भरपूर होने के बावजूद बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है। इन दिनों सहालग होने के बावजूद बिक्री कम ही बनी हुई है।
सोहनलाल जैन, दूध डेयरी संचालक

ब्रांडेड देसी घी का टिन एक हजार रुपए सस्ता
दूध की बढ़ी हुई आवक का असर देसी घी पर आया है। ब्रांडेड एगमार्क कंपनियों के देसी घी के १५ किलो के टिन की एमआरपी में भी एक हजार रुपए तक की गिरावट आई है। थोक बाजार में सहालग की मांग के बावजूद देसी घी की खपत कम बताई जा रही है। बताया जाता है कि स्किम्ड मिल्क पाउडर के दाम 270 से 170 रु. पर आ गए। थोक कारोबारियों मुताबिक कंपनियों के पास स्टॉक अधिक होने के कारण दामों में गिरावट आ रही है।


20० टिन की खपत
शहर में रोजाना देसी घी की खपत 15० से 20० टिन की है। यहां पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र आदि स्थानों से ब्रांडेड एगमार्क कंपनियों का घी बिकने आता है।


कंपनियों ने देसी घी के दाम एक हजार रुपए प्रति टिन तक कम किए हैं। स्टॉक बढऩे के कारण ऐसा हो रहा है, अन्यथा सहालग के दिनों में दाम बढ़े रहते हैं।
अभय गुप्ता, देसी घी के थोक कारोबारी