
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (madhya pradesh high court) की ग्वालियर खंडपीठ (high court gwalior bench) ने दुष्कर्म (rape case) के एक मामले में डीएनए रिपोर्ट (DNA REPORT) आने के बाद कड़ा रुख इख्तियार करते हुए नाबालिग रेप पीड़िता, उसके पिता व भाई को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने तीनों को 7 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट मे पेश होने के आदेश दिए हैं। दतिया जिले की रहने वाली नाबालिग के पिता ने एक युवक पर रेप का आरोप लगाकर बेटी का गर्भपात कराने की इजाजत ली थी। इसके बाद आरोपी और भ्रूण का DNA टेस्ट कराया गया था जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद जो सच सामने आया उसे देखते हुए कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
ये है पूरा मामला
पूरा मामला दतिया से जुड़ा हुआ है जहां रहने वाले एक शख्स ने 8 मार्च 2021 को ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें बताया गया था कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ है जिसके कारण बच्ची गर्भवती हो गई है। पिता ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि बेटी के नाबालिग होने के कारण पिता ने कोर्ट से बेटी का गर्भपात कराने की अनुमति मांगी थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। तब पिता ने सोनू परिहार नाम के युवक पर रेप का आरोप लगाया था जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। आरोपी ने भी कोर्ट में जमानत याचिका दायर की और तर्क दिया कि पीड़िता ट्रायल कोर्ट में आरोप से मुकर गई है। उसने यह भी कहा कि बच्चा आरोपी का नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई।
2 संदेहियों का कराया था DNA टेस्ट
कोर्ट के द्वारा नाबालिग पीड़िता को गर्भपात की अनुमति मिलने के बाद उसका गर्भपात कराया गया था और जब भ्रूण के साथ आरोपी व एक अन्य संदेही के डीएनए की जांच की गई तो पता चला कि जिस युवक को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया है उसके साथ भ्रूण का डीएनए मेल नहीं खा रहा है। जबकि नाबालिग पीड़िता के चचेरे भाई जो कि मामले में दूसरा संदेही था का डीएनए पूरी तरह स भ्रूण के डीएनए से मेल खा रहा था। इस आधार पर पुलिस ने पीड़िता के चेचेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं अब इस मामले पर कोर्ट ने खुद संज्ञान लेते हुए नाबालिग रेप पीड़िता, उसके पिता व चचेरे भाई को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया है।
Published on:
28 Oct 2022 05:24 pm
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