
MP Heavy Rain Alert (फोटो सोर्स: पत्रिका)
MP Heavy Rain Alert: इस बार नौतपा सोमवार को बिना तपे ही खत्म हो गए। आखिरी दिन भी दिनभर बादल छाए रहे और आंधी जैसा मौसम रहा, लेकिन मई में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा है। जब-जब जून में मानसून के बादल औसत बरसे हैं। तापमान व बारिश के आंकड़े यही बता रहे हैं। पिछले 10 साल में मई के तापमान व जून की औसत बारिश देखी जाए तो 6 बार औसत बारिश दर्ज है। चार बार ही औसत से कम बारिश हुई है। 2023 व 2024 में जून में बादल ज्यादा बरसे हैं। मौसम विभाग ने ग्वालियर चंबल संभाग में 20 से 25 जून के बीच मानसून आगमन की संभावना जताई है। उससे पहले प्री मानसून की हलचल जारी रहेंगी।
दरअसल 25 मई से 2 जून के बीच नौतपा रहे। इस बार नौतपा में गर्मी कम रही। नौतपा के पहले मई तप गई थी। नौतपा के दौरान अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच सका था। बंगाल की खाड़ी व अरब सागर से आ रही नमी, चक्रवातीय घेरों के कारण बादल छाए और आंधी आई। राजस्थान की गर्म हवा नहीं चली। इस कारण गर्मी कम रही। मौसम विभाग ने 3 जून को शहर में आंधी व बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- 2015 से 2024 के बीच मानसून आगमन की स्थिति देखी जाए तो 2017 में 1 जुलाई, 2019 में 3 जुलाई को मानसून आया था। 2022 में 30 जून को आया है। 7 साल में मानसून समय पर ही ग्वालियर में पहुंचा है।
- 2015, 2023, 2024 में 25 जून को मानसून आया है।
हरियाणा के पास चक्रवातीय घेरा बना हुआ है। इस घेरे को अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी मिल रही है। घेरे के नजदीक आने पर ग्वालियर-चंबल संभाग के मौसम में बदला आएगा।
2014 -45.4- 34.1 मिमी
2015 - 45.9 - 101.2 मिमी
2016 - 47.0 - 46.4 मिमी
2017 - 44.9 - 98.3 मिमी
2018 - 46.6 - 78.1 मिमी
2019 - 47.2 - 90.2 मिमी
2020 - 46.2 - 55 मिमी
2021 - 42.4 - 17.3 मिमी
2022 - 46.6 - 29.1 मिमी
2023 - 44.8 - 187 मिमी
2024 - 47.6 - 145 मिमी
पूरे प्रदेश में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। हरियाणा व बिहार में बने चक्रवातीय घेरे के कारण अगले चार से पांच दिनों तक थंडरस्ट्रोम बने रहने की संभावना है। सिस्टम कमजोर पडऩे पर तापमान में बढ़ोतरी होगी।
-दिव्या सुरेंद्रन, मौसम वैज्ञानिक
Published on:
03 Jun 2025 02:33 pm
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