
mp news: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जापानी बुखार (Japanese Fever) का प्रकोप तेजी से फैलता नजर आ रहा है। शहर के जिस सागरताल सरकारी मल्टी में पहले जापानी बुखार का एक मरीज मिला था अब वहीं पर 11 संदिग्ध मरीज मिले हैं जिनके लक्षण जापानी बुखार जैसे लग रहे हैं। एक साथ इतनी संख्या में संदिग्ध मरीज मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। सभी संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
बता दें कि शहर के सागर ताल टंकी वाले हनुमान मंदिर के पास सरकारी आवास में रहने वाली 15 साल की लड़की को कुछ दिन पहले तेज बुखार, सिर दर्द व उल्टी हो रहीं थीं। परिजनों ने पहले तो पास में ही किसी डॉक्टर से उपचार कराया लेकिन कुछ दिनों के बाद सोनम के सिर में दर्द व दौरे पड़ने लगे। इतना ही नहीं सोनम ठीक से हाथ पैर भी नहीं चला पा रही थी। इस पर परिजन उसे जेएएच अस्पताल लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने जापानी इंसेफेलाइटिस (Japanese Encephalitis) की संभावना जताते हुए जीआरएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच कराई तो उसे संक्रमण निकला।
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जापानी इंसेफेलाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से होती है। ये मच्छर फ्लेविवायरस संक्रमित होते हैं। यह संक्रामक बुखार नहीं है। यह एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता है। विशेषज्ञों की मानें तो जापानी इंसेफेलाइटिस पूर्वांचल भारत में अधिक होता है। इस बुखार का पता मच्छर के काटने के 5 से 15 दिनों में दिखाई देता है।
-- तेज बुखार आना
-- गर्दन में अकड़न होना
-- सिर दर्द होना
-- घबराहट होना
-- ठंड के साथ कंपकपी आना
-- कोमा में जाने का खतरा
Published on:
24 Jan 2025 06:59 pm
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