
ग्वालियर। शहर के कचरा प्रबंधन में घुसपैठ कर चुकी चीन से जुड़ी कंपनी ईकोग्रीन के साथ हुआ समझौता शहर पर भारी पडऩे वाला है। दरअसल शहर में कचरा कलेक्शन की जिम्मेदारी कंपनी को दी गई है। इसके एवज में नगर निगम को प्रति टन कचरे के कलेक्शन पर कंपनी को 1701 रुपए का भुगतान करना होगा, जबकि जबलपुर में प्रतिटन कचरा कलेक्शन पर करीब १४५० रुपए का व्यय आ रहा है।।
इस प्रकार ग्वालियर नगर निगम और उसके साथ १५ अन्य नगरीय निकाय, जिनमें भिंड, मुरैना और दतिया आदि शामिल हैं तो प्रति टन कचरे पर करीब 250 रुपए अधिक का भुगतान करना होगा। इस मामले में जब नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह से पत्रकारों ने चाइना की कंपनी को काम देने पर सवाल किया तो माया सिंह ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए बचने की कोशिश की। वहीं कंपनी के सीईओ अंकित अग्रवाल ने स्वीकार किया कि चीन की जिनजियांग एनवायरोमेंट होल्डिंग कंपनी उनकी फाइनेंसर कंपनी है।
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https://www.patrika.com/gwalior-news/500-crore-money-spend-on-government-houses-2066721/
ग्वालियर जबलपुर
कंपनी ईकोग्रीन एस्सेल
कचरा 600 टन 600 टन
कचरा घर से प्लांट तक कलेक्शन
निगम कंपनी 1701 रु. 1470रु.
को देगी
होगा विद्युत 10 मेगावाट 11.05 मेगावॉट
उत्पादन
मुझे जानकारी नहीं....माया सिंह, नगरीय प्रशासन मंत्री मप्र
सवाल-चीन पहले मार्केट प्रोजेक्ट निकालता था अब सरकारी प्रोजेक्ट में भी चीन आ गया है, ईकोग्रीन चीन से जुड़ी कंपनी है?
जवाब-नहीं मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन अच्छा है, हम टेंडर बुलाते हैं, जिसमें यह कंपनी नियमों के अनुसार सिलेक्ट हुई होगी।
फाइनेंस कंपनी है हमारी
& जिनजियांग हमारी फाइनेंस कंपनी है, हमारी कंपनी सिंगापुर में रजिस्टर्ड है। हम देश में दूसरी जगह भी काम कर रहे हैं।
अंकित अग्रवाल, सीईओ ईकोग्रीन
बना रहे हैं बिजली
& जबलपुर नगर निगम एस्सेल कंपनी को काम दिया गया है, जबकि कंपनी हमें रिटर्न भी दे रही है। हम स्वच्छता के लिए देश में और भी काम कर रहे हैं।
वेदप्रकाश, निगमायुक्त जबलपुर
Published on:
04 Dec 2017 11:02 am
