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खादी उद्योग के केलेंडर पर गांधीजी की जगह पीएम मोदी की फोटो, ये है पब्लिक की राय

खादी और ग्राम उद्योग आयोग का साल 2017 का केलेंडर विवादों का विषय बन गया है। इस विवाद की वजह केलेंडर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो का बाहर होना है। 2017 के अस केलेंडर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पोस्टर लगा हुआ है, जिसने देश में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।

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Shyamendra Parihar

Jan 14, 2017

pm modi on khadi calendar

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ग्वालियर। खादी और ग्राम उद्योग आयोग का साल 2017 का केलेंडर विवादों का विषय बन गया है। इस विवाद की वजह केलेंडर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो का बाहर होना है। 2017 के अस केलेंडर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पोस्टर लगा हुआ है, जिसने देश में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। लगभग समूचा विपक्ष जहां इसकी निंदा कर रहा है, तो वहीं सत्ता पक्ष की भी अपनी दलीलें हैं। इस मुद्दे को लेकर हमने शहर की जनता की राय जानी। आखिर पब्लिक इसको कैसे देखती हैं? क्या गांधीजी की फोटो मायने रखती है या फिर उनके सिद्धांत ?








पीएम मोदी गांधीजी से बढ़े नहीं

युवा कांग्रेस के महासचिव शहर रिंकू राजावत ने बताया कि खादी ग्राम उद्योग आयोग के केलेंडर से गांधी जी की फोटो का बाहर होना राष्ट्रपिता का अपमान है। गांधी जी ने खादी का सजृनकर्ता माना जाता है। ऐसे में उनका फोटो न होना अच्छा नहीं हैं। पीएम मोदी गांधी जी की जगह नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री है, लेकिन वे गांधीजी से बढ़े नहीं हैं।








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गांधीजी खादी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर
छात्र सुदेश कुमार का कहना है कि महात्मा गांधी खादी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। ऐसे में खादी उद्योग के केलेंडर पर उनकी फोटो न होना खादी का भी अपमान है।




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पीएम मोदी पॉपुलर, लेकिन खादी पर गांधीजी की फोटो जरूरी
छात्र नेता शुभम श्रीवास्तव का इस मुद्दे पर कहना है कि पीएम मोदी युवाओं में काफी लोकप्रिय है और प्रधानमंत्री होने के नाते उनका फोटो होना अनुचित नहीं है, लेकिन गांधीजी का फोटो केलेंडर से बाहर होना ये सही नहीं है।


गांधीजी की फोटो से ज्यादा मायने रखते हैं उनके सिद्धांत
पीएससी की पढ़ाई कर रहीं नीलम सेठ कहती हैं कि गांधीजी की फोटो से ज्यादा उनके सिद्धांत मायने रखते हैं। लोग हमेशा उनके फोटो पर चर्चा करते हैं, लेकिन उनके विचारों को नहीं जानते। जहां तक बात इस मुद्दे कि है तो गांधी जी की फोटो होना चाहिए थी। 70 सालों से यही पंरपरा रही है। मोदी जी के साथ गांधीजी का भी फोटो होता तो अच्छा होता।

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