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‘घर-मकान’ की रजिस्ट्री कराने का तरीका बदला, अब नहीं चलेगी दलाली

MP News: हाउसिंग बोर्ड की पांच लीज डीड का सफल पंजीयन होने के बाद अब अन्य सरकारी विभागों की रजिस्ट्रियां भी इसी सिस्टम से करने की तैयारी है।
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process for registering houses

process for registering houses (Photo Source - Patrika)

MP News: पंजीयन विभाग में तकनीक ने ऐसा बदलाव कर दिया है कि अब रजिस्ट्री कराने के लिए न कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न बीच में दलाल की जरूरत होगी। ग्वालियर में पहली बार मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड की पांच लीज डीड पूरी तरह फेसलेस तरीके से रजिस्टर्ड की गईं। खास बात यह रही कि न हाउसिंग बोर्ड का कोई अधिकारी पंजीयन कार्यालय पहुंचा और न ही लीज लेने वालों को आने की जरूरत पड़ी।

पंजीयन विभाग के अनुसार प्रदेश में यह पहली बार हुआ है, जब किसी सरकारी विभाग की संपत्ति की रजिस्ट्री फेसलेस तरीके से की गई और इसकी शुरुआत ग्वालियर से हुई। हाउसिंग बोर्ड की पांच लीज डीड का सफल पंजीयन होने के बाद अब अन्य सरकारी विभागों की रजिस्ट्रियां भी इसी सिस्टम से करने की तैयारी है।

पूरी प्रकिया भोपाल से हुई

यह पूरी प्रक्रिया भोपाल के साइबर पंजीयन कार्यालय से ऑनलाइन पूरी की गई। पंजीयन विभाग के संपदा-2 सॉफ्टवेयर, जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक पर आधारित है, की मदद से यह रजिस्ट्री की गई। इस नई व्यवस्था में दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और पंजीयन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से हुई, जिससे पारंपरिक व्यवस्था में होने वाली देरी और अनावश्यक दखल खत्म हो गया।

सबसे बड़ा बदलाव यह माना जा रहा है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में जो बीच के दलालों की भूमिका होती थी, वह पूरी तरह टूट गई। क्योंकि भोपाल में बैठे उप पंजीयक से न सेवा प्रदाता का संपर्क है और न किसी दलाल का। उसके पास रजिस्ट्री पहुंचती है तो उसे करना होगा।

कलेक्टर ने नगर निगम को जारी किया पत्र

-कलेक्टर रुचिका चौहान ने नगर निगम को पत्र जारी किया है। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि नगर निगम की जो भी रजिस्ट्री होंगी, उनमें फेसलेस सेवा का उपयोग किया जाए। लीज डीड, सेल डीड सहित अन्य दस्तावेज फेसलेस ही कराने होंगे।

-हाउसिंग बोर्ड, जीडीएको भी इस सेवा के संबंध में अवगत कराया गया है। इन विभागों की रजिस्ट्री के लिए फेसलेस सेवा का उपोयग किया जाएगा।

ऐसे की गई पूरी प्रक्रिया

-पंजीयन विभाग में कार्य करने वाले सेवा प्रदाता इस सेवा का उपयोग करना नहीं चाहते हैं, लेकिन सरकारी विभागों में इसे अनिवार्य किया गया है। हाउसिंग बोर्ड का काम करने वाले सेवा प्रदाता इसमें तकनीकी खामी बताकर पल्ला झाड़ रहे थे, लेकिन जब विभाग ने संज्ञान में लिया तो तरीका बताया। रजिस्ट्री के लिए लिंक हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी व लीज लेने वाले पर पहुंच गई। दोनों ऑनलाइन बयान दर्ज कराए और फेसलेस रजिस्ट्री हो गई।

-हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम, जीडीए की रजिस्ट्री होती हैं, उसे करने के लिए एक अधिकारी- कर्मचारी अधिकृत रहता है। इन्हें पंजीयन कार्यालय तक लाने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ती थी। इससे भी पक्षकार को छुटकारा मिल गया है।

इनका कहना है....

हाउसिंग बोर्ड की पांच लीज डीड फेसलेस हुई हैं। प्रदेश में पहली बार सरकारी विभाग की रजिस्ट्री के लिए कार्यालय नहीं आना पड़ा। भोपाल के साइबर पंजीयन कार्यालय से रजिस्ट्री संपादित की गई है। अशोक शर्मा, जिला पंजीयक

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