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सड़क पर चल रहे हैं, तो इन बातों का रखें ध्यान, जरा सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा

नए साल में संकल्प लें और सड़क पर संभल कर चलें : सड़कों पर तेज रफ्तार बनी 318 की मौत की वजह, 1431 की आफत में जानसड़क हादसों में जान गंवाने और घायलों में युवा ज्यादा, जरूर पढ़ें एक्सपर्ट्स की ये जरूरी सलाह...

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अगर आप वाहन ड्राइव कर रहे हैं तो संभल कर चलें। कोहरा और तेज रफ्तार हादसों की वजह बन रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में कोहरे की वजह से सडक़ हादसों की संख्या बढ़ी है। इस साल यानी 2023 में सड़क हादसों में 319 लोगों की जान गई है और 1431 लोग जख्मी हुए हैं। करीब 82 प्रतिशत केस में तेज रफ्तार की वजह से हादसे होने की घटनाएं सामने आईं हैं। पुलिस की नजर में इन हादसों में जान गंवाने वालों की गिनती कम होती, अगर वाहन चालक हेेलमेट और सीट बेल्ट लगाते। हालांकि पुलिस रिकार्ड के हिसाब से पिछले साल की तुलना में हादसे और उनमें होने वाली मौत व घायलों की गिनती कुछ कम रही है।

जहां पुलिस नहीं, वहां नियम नहीं
ट्रैफिक पुलिस मानती है लोग यातायात के नियम मानेंगे तो रोड एक्सीडेंट पर काबू होगा, लेकिन जहां पुलिस दिखती है वहां वाहन चालक नियम मानते हैं, पुलिस हटी नियम का पालन भी खत्म होता है। नियमों की अनदेखी को लोग रसूख समझते हैं। यातायात थाना प्रभारी (झांसी रोड) अभिषेक रघुवंशी कहते हैं युवाओं में तेज रफ्तार ड्राइविंग और ट्रैफिक के नियम को नहीं मानने का चलन बढ़ा है।

4 साल में 1346 की मौत























































वर्षकुल एक्सीडेंटसामान्यगंभीर एक्सीडेंटसामान्य चोटगंभीर चोटघातक एक्सीडेंटमौत
20201799116995123495300316
20211830118678126278324359
20222057133491140791326306
20231896128052137952318319

हादसों में युवा ज्यादा शिकार
पिछले साल एक्सीडेंट के 2057 केस थे। इस साल 1896 दर्ज हुए हैं। लेकिन जान गंवाने वाले ज्यादा हैं। अभी तक कुल 319 लोगों की जान गई है 1431 जख्मी हुए हैं। मृतकों में 215 से ज्यादा और घायलों में करीब 840 वाहन चालक युवा हैं।

एक्सपर्ट व्यू
यह बात सही है लोग ट्रैफिक के नियम मानें तो एक्सीडेंट कम होंगे। हैरानी होती है जो लोग शहर में यातायात के नियम को नहीं मानते शहर के बाहर जाने पर यातायात के नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं। वाहन चालकों की दोहरी मानसिकता ट्रैफिक को बिगाड़ती है। इसके अलावा ट्रैफिक इंजीनियरिंग की खामी भी एक्सीडेंट की दूसरी बड़ी वजह है। एक्सीडेंट पर लगाम कसने के लिए पुलिस को भी जिम्मेदार होना पड़ेगा। सिर्फ जुर्माना वसूली तक सीमित रहने से हालात नहीं सुधरेंगे। कम उम्र के वाहन चालक, लाइसेंस के बिना ड्राइविंग करने वालों को जुर्माना वसूल कर छोडऩा ठीक नहीं है। ऐसे वाहन चालक दूसरों के लिए खतरा हैं। इन पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है। तब एक्सीडेंट ग्राफ कम होगा।

- दीपक भार्गव, रिटायर्ड सीएसपी