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पत्रिका साक्षात्कार समीक्षा गुप्ता : मैंने दबाव की राजनीति नहीं की है, किसी से अभी कोई बात नहीं हुई

पत्रिका साक्षात्कार समीक्षा गुप्ता : मैंने दबाव की राजनीति नहीं की है, किसी से अभी कोई बात नहीं हुई

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पत्रिका साक्षात्कार समीक्षा गुप्ता : मैंने दबाव की राजनीति नहीं की है, किसी से अभी कोई बात नहीं हुई

ग्वालियर। पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता द्वारा भाजपा से बगावत कर ग्वालियर दक्षिण विधानसभा सीट से निर्दलीय नामांकन फॉर्म दाखिल किए जाने के बाद शनिवार को कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता हेमसिंह की परेड स्थित उनके निवास पर पहुंचे। कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनसे कहा कि वह अपना फॉर्म वापस नहीं लें और चुनाव लड़ें। यहां दो घंटे से अधिक समय बैठक चली, जिसमें समीक्षा गुप्ता के परिवार के नजदीकी रहे डॉक्टर, कारोबारी, समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस बैठक में शामिल होने भाजपा के कई पदाधिकारी भी पहुंचे थे। अब सबकी नजर इस पर लगी है कि समीक्षा नाम वापस लेती हैं कि नहीं। अगर वह मैदान में डटी रहती हैं तो दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नवकरणीय ऊर्जा मंत्री नारायण सिंह कुशवार के लिए काफी मुश्किल होगी। भाजपा कार्यकर्ताओं के बंट जाने से उनके सामने भितरघात का खतरा रहेगा।

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मैंने दबाव की राजनीति नहीं की है ,किसी से अभी कोई बात नहीं हुई

Q. पार्टी में किसे अपना नेता मानती हैं।
A. पार्टी कई गुटों में बंटी हुई है, और कई नेता हंै। परेशानी यह है कि किसको नेता माना जाए और बताया जाए।

Q.नेता के मनाने पर बैठ जाएंगी या चुनाव लड़ेंगी।
A. मेरी किसी से अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है और जनता का निर्णय है मैं चुनाव लडूं। इसलिए मैंने फॉर्म भरा है।

Q. क्या पार्टी पर दबाव बनाने के लिए बागी बनी हैं।
A. मैंने दबाव की राजनीति न तो की है और न मुझे कभी संस्कारों में मिली है, न मैं किसी से दबती हूं। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र जहां 15 साल से विकास कछुआ चाल से चल रहा है। मैं हमेशा विकास के लिए लड़ती भी रही हूं।

Q.फॉर्म भरने के बाद पार्टी में किन-किन नेताओं के फोन आए।
A. भाजपा समेत दूसरे दलों के वरिष्ठ नेताओं के फोन आए, लेकिन किसी से मेरी बात नहीं हुई, क्यों कि मेरा फोन मेरी सेक्रेटरी के पास था।

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Q. क्या अधिकृत प्रत्याशी ने संपर्क किया।
A. न मुझसे भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ने संपर्क किया और न ही कांग्रेस के।

Q. क्या गणित लेकर मैदान में उतरी हैं।
A. जनता का वोट। मैं किसी जातिगत आधार पर चुनाव मैदान में नहीं उतरी हूं।

Q. मनाने के लिए किसी नेता का फोन आया।
A. मेरे फोन पर वरिष्ठ नेताओं के फोन तो आए, लेकिन किसी से मेरी बात नहीं हुई। ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की जनता का जो निर्णय होगा, उसका सम्मान जरूर करूंगी।